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टिहरी गढ़वाल

आरोप: घनसाली महाविद्यालय प्रबंधन की लापरवाही, छात्रों के भविष्य बर्बाद करने का आरोप

सागर सुनार। घनसाली। विधानसभा का एकमात्र उच्च शिक्षण संस्थान बालगंगा महाविद्यालय सेंदुल केमर के बीए तृतीय वर्ष का रिजल्ट 4 दिसंबर 2020 को जारी हुआ है। जिसने की सभी छात्र छात्राएं सभी विषयों में विश्वविद्यालय द्वारा ली गई सेमेस्टर परीक्षाओं में तो पास है, लेकिन महाविद्यालय स्तर पर होने वाले आंतरिक परीक्षाओं में सभी छात्र छात्राओं को अनुपस्थित दिखाया गया है।

इसका मुख्य कारण यह था कि जिन विषयों में छात्र छात्राओं को अनुत्तीर्ण दिखाया गया है उन विषयों के अध्यापकों को महाविद्यालय प्रबंधन समिति के द्वारा विगत 24 महीनों से वेतन नहीं दिया गया है, और इस कारण से उन शिक्षकों के द्वारा आंतरिक परीक्षाएं करवाने के बावजूद भी उसकी जानकारी विश्वविद्यालय को नहीं दी गई। आलम यह है कि विश्वविद्यालय के द्वारा सभी छात्रों को अनुत्तीर्ण दिखाया गया है। ऐसे में सभी छात्र छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है।

बता दें, पूर्व में भी इन शिक्षकों को वेतन न मिलने के कारण शिक्षकों के द्वारा कार्य बहिष्कार किया गया। उस समय 13 नवंबर 2019 को छात्र संघ द्वारा चमियाला घनसाली मोटर मार्ग पर चक्का जाम करने के बाद तत्काल माननीय उपजिलाअधिकारी एवं एसओ घनसाली महाविद्यालय प्रबंधक बालकृष्ण नौटियाल के द्वारा लिखित में दिया गया था कि कुछ समय में सभी शिक्षकों का वेतन समय पर दे दिया जाएगा।

जैसे कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ तो महाविद्यालय के मैनेजमेंट द्वारा पुनः शिक्षकों का वेतन नहीं दिया गया जिसमें कि प्रबंध समिति ने तत्काल उपजिलाधिकारी के आदेशों की अवहेलना की।

आरोप हैं कि वेतन ना मिलने के बाद शिक्षकों के द्वारा छात्र-छात्राओं पुनः शिक्षकों द्वारा आंतरिक परीक्षाएं समय पर नहीं ली गई छात्र संघ ने प्रबंधन समिति का पुरजोर विरोध करते हुए एकाएक धरने देने के बावजूद इस दौरान सेशनल परीक्षा हो गई।

वर्तमान में कोरोना काल चल रहा है छात्र-छात्राओं द्वारा ऑनलाइन तथा ऑफलाइन सभी प्रकार से परीक्षाएं एवं असाइनमेंट जमा करा दिए गए इसके बावजूद भी उनके अंकतालिका महाविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं करवाई गई जिससे सारे छात्र छात्राएं फेल हो गए।

छात्र संघ के सांकेतिक धरना प्रदर्शन एवं तालाबंदी के पश्चात मैनेजमेंट ने 9 दिसंबर तक शिक्षकों का मानदेय वेतन देने की तथा 17 दिसंबर तक परीक्षा परिणाम सही करवाने का लिखित आश्वासन दिया हुआ है यह भी त्रुटि परिणामों को सही नहीं करवाया गया मजबूरन छात्र संघ को उग्र आंदोलनों के लिए बाध्य होना पड़ेगा

अभी द्वितीय वर्ष एवं प्रथम वर्ष का रिजल्ट जारी होना बाकी है यदि वाद विवाद को महाविद्यालय सुलझा नहीं पाता है यहां भी सभी छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम भी अनुत्तीर्ण आएगा।

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