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अधिकारियों की कमी, कैसे भेजें प्रतिनियुक्ति पर

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UT- उत्तराखंड शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) के अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने के मामले में हाथ खड़े कर दिए हैं। इसका कारण प्रदेश में अधिकारियों की कमी को बताया गया है। इतना ही नही, उत्तराखंड कॉडर के अधिकारियों ने भी केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय द्वारा समय-समय पर विभिन्न मंत्रालयों के रिक्त पदों के लिए निकाले गए आवेदनों में रुचि नहीं दिखाई है।

उत्तराखंड में आइएएस कॉडर के ढांचे पर नजर डाले तो इसमें 120 पद हैं। इनमें सीधी भर्ती के 84 और पदोन्नति के 36 पद शामिल हैं। प्रदेश में मौजूदा अधिकारियों पर नजर डालें तो वर्ष 2017 बैच के आइएएस अधिकारी मिलाकर कुल 88 अधिकारी कार्यरत हैं। हालांकि, 2017 बैच के तीनों अधिकारी केंद्र में सहायक सचिव के रूप में अनिवार्य सेवा दे रहे हैं। इनके अलावा तीन आइएएस अधिकारी केंद्र व चार आइएएस अधिकारी महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, मध्य प्रदेश और जम्मू व कश्मीर में प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं। तीन आइएएस अधिकारी उच्च शिक्षा के लिए विदेश गए हैं। इस तरह प्रदेश में अभी 75 आइएएस अधिकारी ही सेवाएं दे रहे हैं।

वहीं, केंद्र में नई सरकार के वजूद में आने के बाद विभिन्न मंत्रालय व केंद्रीय विभागों में काफी पद रिक्त चल रहे हैं। इन रिक्त पदों को प्रतिनियुक्ति के जरिये भरा जाता है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय इन पदों के सापेक्ष आवेदन आमंत्रित करता है। इसके बाद वरिष्ठता के आधार पर प्रतिनियुक्ति पर तैनाती की जाती है। सूत्रों की मानें तो उत्तराखंड के अधिकारियों द्वारा इन पदों को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई गई है। माना जा रहा है कि केंद्र ने जिस तरह से केंद्रीय सचिवालय व मंत्रालयों में काम को लेकर सख्ती दिखाई है उसे देखते हुए फिलहाल अधिकारी वहां जाने से कतरा रहे हैं। यह भी एक कारण है कि केंद्र में अधिकारियों की कमी महसूस की जा रही है।

इसी कारण कुछ समय पहले कार्मिक मंत्रालय ने केंद्र में रिक्त पदों का हवाला देते हुए प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रिजर्व कोटे के अधिकारियों को केंद्र भेजने को कहा। प्रदेश के कॉडर के अनुसार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का रिजर्व कोटा 26 अधिकारियों का है और इसके सापेक्ष केवल सात अधिकारी ही अभी केंद्र और विभिन्न राज्यों में तैनात हैं। सूत्रों की मानें तो शासन ने पहले से ही प्रदेश में अधिकारियों की कमी का हवाला देते हुए अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर भेजने में असमर्थता जाहिर कर दी है।

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