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पुलवामा- शहीद हुआ तीन बहनों का इकलौता भाई,मेजर विभूति कुमार ढौंडियाल..

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उत्तराखंड

पुलवामा- शहीद हुआ तीन बहनों का इकलौता भाई,मेजर विभूति कुमार ढौंडियाल..

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देहरादून, UT। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सोमवार सुबह सुरक्षाबल और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में देहरादून के मेजर विभूति कुमार ढौंडियाल समेत चार जवान शहीद हो गए। वहीं, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट कर कहा पुलवामा में हमारे वीर जवानों ने 2 आतंकियों को मौत के घाट उतारा है, लेकिन दुःखद कि इस मुठभेड़ के दौरान मेजर विभूति ढौंडियाल समेत 4 जवान शहीद हुए हैं। शहीदों को कोटि कोटि नमन करते हुए शोक संतप्त परिवारों के साथ मेरी संवेदना हैं और दुःख की इस घड़ी में हम उनके साथ हैं।मेजर विभूति कुमार ढौंडियाल का घर देहरादून के नेश्विवला रोड के 36 डंगवाल मार्ग में हैं। 34 वर्षीय मेजर विभूति कुमार ढौंडियाल सेना के 55 आरआर (राष्‍ट्रीय राइफल) में तैनात थे। वह तीन बहनों के इकलौते भाई थे। बीते साल अप्रैल में उनकी शादी कश्मीरी पंडित निकीता कौल से हुई थी। पिताजी स्व ओमप्रकाश ढौंडियाल कंट्रोलर डिफेंस एकाउंट आफिस में थे। 2012 में उनका निधन हो गया था। घर में अभी दादी व मां मौजूद हैं। अभी उन्हें किसी तरह की जानकारी नहीं है। मेजर ढौंडियाल पौड़ी जिले के बैजरो ढौंड गांव के मूल निवासी हैं। सोमवार सुबह की मेजर की पत्‍नी दिल्ली मायके के लिए निकली थी। वह जब ट्रेन में थीं तब उन्‍हें इसकी जानकारी मिली।बता दें कि इससे पहले बीते शनिवार को जम्मू कश्मीर में तैनात मेजर बिष्ट राजौरी के नौशेरा सेक्टर में एलओसी के पास आइईडी को डिफ्यूज करते वक्त विस्फोट में शहीद हो गए थे। मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के पिपली निवासी मेजर चित्रेश बिष्ट उर्फ सोनू का परिवार देहरादून के नेहरू कॉलोनी में रहता है। उनके पिता एसएस बिष्ट रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर हैं। बता दें कि चित्रेश की सात मार्च को शादी होनी थी, इसके लिए कार्ड भी छप चुके थे।

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