देहरादून। सूबे के मुखिया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि कोरोना संक्रमितों के उपचार मे लगे चिकित्सकों और चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मियों का काम तपस्या की भांति है। जिस तरह से कठिन परिस्थितियों में मरीजों के बीच में रहकर उनका ईलाज कर रहे हैं, इसे एक बड़ी तपस्या ही कहा जा सकता है। धैर्य और […]" /> देहरादून। सूबे के मुखिया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि कोरोना संक्रमितों के उपचार मे लगे चिकित्सकों और चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मियों का काम तपस्या की भांति है। जिस तरह से कठिन परिस्थितियों में मरीजों के बीच में रहकर उनका ईलाज कर रहे हैं, इसे एक बड़ी तपस्या ही कहा जा सकता है। धैर्य और […]"> संघर्ष: कोरोना ड्यूटी में चिकित्सक किसी तपस्वी से कम नहीं, जानिए कब और किसने कहा » Uttarakhand Today News
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त्रिवेंद्र सिंह रावत

उत्तराखंड

संघर्ष: कोरोना ड्यूटी में चिकित्सक किसी तपस्वी से कम नहीं, जानिए कब और किसने कहा

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देहरादून। सूबे के मुखिया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि कोरोना संक्रमितों के उपचार मे लगे चिकित्सकों और चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मियों का काम तपस्या की भांति है।

जिस तरह से कठिन परिस्थितियों में मरीजों के बीच में रहकर उनका ईलाज कर रहे हैं, इसे एक बड़ी तपस्या ही कहा जा सकता है। धैर्य और तत्परता से चिकित्सक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री नेे कहा कि चिकित्सक जिस मनोयोग से कार्य कर रहे हैं, विश्वास है कि हम कोविड-19 से लड़ाई में हमारी जीत अवश्य होगी। जो मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, वे जल्द स्वस्थ होकर अपने घर जायेंगे। मुख्यमंत्री ने सीएम आवास से वर्चुअल कांफ्रेंस के माध्यम से कोविड अस्पतालों में तैनात चिकित्सा अधिकारियों एवं उपचाराधीन मरीजों से बात की।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दून, हल्द्वानी, श्रीनगर मेडिकल काॅलेज एवं जिला अस्पतालों में तैनात डाक्टर्स एवं मरीजों से बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से मरीजों की स्थिति, वंेटिलेटर, आईसीयू, आक्सीजन बैड, कोविड से निपटने के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोविड पर नियंत्रण के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। डाॅक्टरों द्वारा अतुलनीय योगदान दिया जा रहा है।

मरीजों से बातचीत कर जिस तरह से उन्होंने अस्पतालों की व्यवस्थाओं से वे संतुष्ट हैं, इसके लिए सभी अस्पताल बधाई के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए डाॅक्टरों द्वारा कठिन परिस्थितियों में पूरे सेवाभाव से मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पतालों में भर्ती कोरोना के मरीजों से मुख्यमंत्री ने इलाज, रहने एवं खाने के बारे में जानकारी ली। सभी मरीजों ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने दून मेडिकल काॅलेज के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष सयाना से दून मेडिकल काॅलेज की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डाॅ. सयाना कहा कि दून मेडिकल काॅलेज आगे की चुनौतियों का समाना करने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है।

आईसीयू बैड की संख्या बढ़ा दी गई है। 33 पेंशेंट अभी आईसीयू में हैं। पीपीई किट्स, मास्क, आक्सीजन सपोर्ट सिस्टम एवं अन्य आवश्यक सामग्री की उचित व्यवस्था है। अस्पताल में भर्ती मरीजों द्वारा भी काफी सपोर्ट दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दून अस्पताल में भर्ती कोविड के मरीज बलजीत सिंह एवं महावीर कण्डारी से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। 

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