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प्रधानमंत्री से गुहार, हजार रुपये से नहीं चलेगा काम

उत्तराखंड

गुहार: प्रधानमंत्री से गुहार, हजार रुपये से नहीं चलेगा काम, जान जोखिम में डालकर कब तक करते रहेंगे काम, मांगे पूरी करो नहीं तो होगा आंदोलन

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नरेंद्र नगर। वाचस्पति रयाल
प्रदेश संगठन के आह्वान पर आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री ब्लाक संगठन नरेंद्र नगर ने 21 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री को उप जिला अधिकारी नरेंद्र नगर के माध्यम से प्रेषित किया।

संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष विजयलक्ष्मी भंडारी एवं नरेंद्र नगर ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती कमलेश थलवाल के नेतृत्व में विकासखंड की आशाकार्यकत्रियों ने उप जिलाधिकारी कार्यालय नरेंद्र नगर में एकत्रित होकर 21 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रेषित किया।

आशा कार्यकत्रियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि मार्च से प्रारंभ हुई कोविड-19 की आपदा से निपटने में वे पूरे मनोयोग से कार्य कर रही हैं।

कहा कि वे रात-दिन होम क्वारंटाइन, संस्थागत वारंटीन से लेकर दवाइयों की होम डिलीवरी तथा कई तरह के गणना के कार्यों को करने में तल्लीनता से जुटी हुई हैं और इसके एवज में सरकार उन्हें प्रतिमाह सिर्फ 1 हजार रु० का झुनझुना थमाने की बात कर रही है, जिसका उन्होंने बहिष्कार की बात की है।

आशा कार्यकत्रियों की प्रमुख मांगों में:- प्रति माह मानदेय 18 हजार करने, राज्य कर्मचारी घोषित करने, ईपीएफ एवं ईएसआई के दायरे में लाने, आशाओं की मृत्यु होने पर उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा एवं सुरक्षा बीमा के तहत कवर किए जाने, कार्य दिवसों में मृत्यु होने पर परिजनों को 5 लाख रु० मुआवजा के तौर पर भुगतान करने,सेवानिवृत्ति पर 5 लाख की धनराशि भुगतान करने ,हर 2 वर्ष में यूनिफॉर्म उपलब्ध कराए जाने, चिकित्सालय में कार्य के दौरान उनके विश्राम के लिए व्यवस्था बनाए जाने सहित कई मांगें शामिल हैं।

उप जिलाधिकारी के किसी कार्य से कार्य से बाहर रहने पर आशा कार्यकत्रियों ने 21 सूत्री ज्ञापन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कबूल सिंह नेगी के माध्यम से प्रेषित किया।

आशा कार्यकत्रियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार तत्काल निस्तारण की कार्यवाही प्रारंभ नहीं करती तो उन्हें सरकार को जगाने के लिए सड़कों पर उतरने को बाध्य होना पड़ेगा उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड-19 के दौरान अपना घर बार छोड़,इस महामारी से निपटने में दिन-रात लगी जुटी हुई हैं, मगर कोविड-19 की शुरुआत से लेकर अब तक आशाओं को किसी तरह की सुविधायें अथवा मानदेय तक नहीं दिया गया है।जो उनके साथ अन्याय है,कहा अब उनके धैर्य का बांध टूट चुका है।

कहा सरकार न मानी तो अब उन्हें सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ेगा।

ज्ञापन देने वालों में संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष विजयलक्ष्मी भंडारी,ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र नगर श्रीमती कमलेश थलवाल,बिना पुंडीर, संगीता बिजलवान, मनोरमा दिलवाल,लक्ष्मी थपलियाल, विमला, सरिता, रूपा, बीना रावत,बबली पुंडीर आदि थे।

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