Connect with us

देहरादून

राजनीति: हरक सिंह का बड़ा ऐलान- नहीं लड़ेंगे 2022 का चुनाव, इस बात से हैं नाराज

देहरादून। उत्तराखंड में राज्यसभा चुनाव से पहले कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह 2022 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, हरक सिंह रावत ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि उन्होंने इसको लेकर पार्टी को भी अवगत करा दिया है, कि वह 2022 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।

हरक सिंह रावत का कहना है कि भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार को पत्र भेजकर उन्होंने अवगत करा दिया है, कि वह 2022 का चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि पत्रकारों के द्वारा चुनाव न लड़ने के सवाल पर जब पत्रकारों ने हरक सिंह रावत से पूछा कि क्या वह राजनीति से संन्यास लेने जा रहे हैं, तो हरक सिंह रावत ने कहा

कि वह राजनीति से कभी भी सन्यास नहीं लेंगे और जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष करते रहेंगे और चुनाव न लड़ने के ऐलान के बाद भी वह सड़कों पर संघर्ष करेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  जिम्मेदारी: इन तीन IPS को ये मिली जिम्मेदारी, कहां हुई तैनाती, पढ़िए...

हालांकि हरक के बयान से ये साफ नहीं हूवा की वो चुनाव कभी नहीं लड़ेंगे या फिर बीजेपी से नहीं लड़ेंगे हालांकि ये भी इन दिनों राजनैतिक हवाओ में चर्चा में है कि हरक सिंह रावत बीजेपी में घुटन महसूस कर रहे है जैसे दबंगई से वो अन्य सीएम के साथ काम कर लेते थे वो त्रिवेन्द्र के राज  में नहीं कर पा रहे है

राजनैतिक हलकों में ये भी चर्चा है कि हरक सिंह चुनावों से पहले कोई और ठौर ढूंढ सकते है कांग्रेस में वापसी या आम आदमी पार्टी जैसे विकल्पों पर सियासी पंडित बाजी लगाने में जुटे हैं लेकिन इसमें कितनी सच्चाई होगी ये वक्त ही बताएगा

मंत्री के इस बयान ने अचानक सियासत को गर्म कर दिया है। इसके सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं, क्योंकि उनका ये बयान ऐसे समय में आया है जब उन्हें उन्हीं के विभाग में कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। ताजा बयान को उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  शुरुआत: अब गढ़वाली,कुमाऊं और जौनसारी भाषा का भी होगा इस विश्वविद्यालय में कोर्स, पढ़िए...

हालांकि, हरक सिंह खुद को कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाए जाने को लेकर अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि वे पहले इस मसले पर सीएम से बातचीत करेंगे। उसके बाद ही वे कुछ बोलेंगे।

हाल में श्रम बोर्ड से मंत्री हरक और उनके करीबियों की रुखसती के भी कई मायने निकाले जा रहे हैं की आखिरकार ये फैसला हो कैसे गया लेकिन सियासी हल्के में ये भी चर्चा है ये वो ही विभाग है जिसके द्वारा बांटी जाने वाली  साइकिल आम आदमी पार्टी के एक नेता द्वारा बाटे जाने की शिकायत भी बीजेपी विधायक कर चुके है साफ है ।

यह भी पढ़ें 👉  राहतः उत्तराखंड में आने के लिए बदल रहे है नियम, अब ऐसे मिलेगी राज्य में एंट्री...

अगर बीजेपी की सरकार में आम आदमी पार्टी के नेता सरकारी विभाग के जनता को दिए जाने वाले उपहारों के जनता को दे रहे हैं तो ऐसे विभाग के बोर्ड तो क्या पूरे विभाग को निलंबित कर देना चाहिए वही हरक सिंह रावत का चुनाव न लड़ने का बयान भी हरीश रावत के 2009 के लोकसभा चुनाव न लड़ने के बयान जैसा ही लगता है।

हरीश रावत भी कहते रहे मैं लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहता लेकिन पार्टी कहेगी तो लड़ लूंगा वैसा ही हरक भी कह रहे हैं लेकिन अब ये बयान के क्या मायने है हरक जाने या भगवान ।

Latest News -
Continue Reading

More in देहरादून

उत्तराखंड

उत्तराखंड

देश

देश
Our YouTube Channel

ट्रेंडिंग खबरें

Recent Posts

To Top
4 Shares
Share via
Copy link
Powered by Social Snap