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करवाई: करोडों की ठगी के फरार आरोपियों को विदेश से देहरादून लाने की तैयारी, फ्लैट का सपना दिखाकर करोडों की चपत लगा चुके फरार दंपति

उत्तराखंड

करवाई: करोडों की ठगी के फरार आरोपियों को विदेश से देहरादून लाने की तैयारी, फ्लैट का सपना दिखाकर करोडों की चपत लगा चुके फरार दंपति

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देहरादून। लोगों को उनका अपना सपनों का घर का सपना दिखाकर करोडों की ठगी करने वाले दंपति को विदेश की धरती से देहरादून लाने की तैयारी में पुलिस जुट गई है।

बता दें फरार चल रहे आरोपो राजधानी में फ्लैट का सपना दिखाकर लोगों को करीब 58 करोड़ की चपत लगा कर रफ़ूचक्कर हो गए थे।

इस करवाई में दून पुलिस केंद्र सरकार की मदद लेकर जल्द दोनों आरोपियों को दुबई से दून लेकर आएगी। इस मामले की खुद डीआईजी अरुण मोहन जोशी मॉनीटरिंग कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि मामले की बारीकी से जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया गया है। डीआईजी ने बताया कि कविता भाटिया निवासी राजपुर रोड ने राजपुर थाने में पुष्पांजलि रिएलएम एंड इंफ्राटेक के निदेशक दीपक मित्तल,

उनकी पत्नी उपनिदेशक राखी मित्तल और कर्मचारी राजपाल वालिया, रोहित, रितेश, परमिंदर और निखिल के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कराया है।

इस प्रकरण में कविता ने ओर्चिड पार्क में फ्लैट का सौदा कर 57 लाख 95 हजार 884 रुपये दिए। लेकिन फ्लैट अधूरे छोड़कर दीपक मित्तल और राखी फरार हो गए।


इसी प्रकार से 88 लोगों से करीब चालीस करोड़ की रकम लेकर फ्लैट बनाकर नहीं दिए। डीआईजी ने बताया कि छानबीन में पता चला है कि आरोपी और उसकी पत्नी दुबई में हैं।

दोनों को दून लाने के लिए केंद्र सरकार से मदद ली जाएगी। इस मामले में सीओ डालनवाला विवेक कुमार के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। इसमें इंस्पेक्टर देवेंद्र चौहान, थाना प्रभारी राकेश शाह, एसआई विजय भारती शामिल हैं।

बैंक खाते में पैसे जमा कराए लोगों से 
बताया जा रहा है कि आरोपी मित्तल ने बैंक में  एसक्रो खाता खुलवाया, जिसमें लोगों को रुपये डालने को कहा। जिस पर लोगों ने खाते में करीब एक करोड़ रुपये जमा कराए।

इस रुपये को मित्तल ने अन्य साइट में फ्लैट का काम करने पर लगा दिया और दो फ्लैट बनाकर बेच दिए। बताया कि उक्त फ्लैट भी अन्य लोगों को बेचे और करीब एक करोड़ रुपये हड़प लिए गए।

 बैंक से भी करोड़ों का लोन
पुलिस अधिकारी बताते हैं कि निदेशक दीपक मित्तल ने लोगों को निमार्णाधीन साइट में आठ टावर बनाने और दो सौ से अधिक फ्लैट बनाने का झांसा दिया।

लोगों ने इस पर शुरुआत में फ्लैट की कीमत का दस से 20 फीसदी जमा किया लेकिन बाद में फ्लैट बनने बंद हो गए। आरोपी ने बैंक से 18 करोड़ का लोन भी लिया

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