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गजब: सतपाल महाराज के आरोग्य सेतु ऐप पर विपक्ष ने कसा पेंच।

गजब: सतपाल महाराज के आरोग्य सेतु ऐप पर विपक्ष ने कसा पेंच।

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UT- उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज का कोरोना पॉज़ीटिव आने के बाद अब महाराज पर आरोग्य सेतु ऐप को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं, क्योंकि महाराज जोर शोर से इसका प्रचार कर रहे थे।

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महाराज ने 12 अप्रैल को अपनी फेसबुक वॉल पर पोस्ट डालकर लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इसका उपयोग करने की अपील की थी, लेकिन विडंबना देखिए कि पहले सतपाल महाराज की पत्नी और फिर उनके परिवार के अन्य सदस्यों समेत 22 लोग एक साथ कोरोना पॉजिटिव निकल गए और महाराज को इसकी हवा तक नहीं लगी।

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अब तमाम मंत्रियों व अधिकारी पर भी खतरा 

कमाल की बात यह है कि सतपाल महाराज सचिवालय में आयेाजित कैबिनेट बैठक में भी शिरकत कर सचिवालय में प्रत्येक कर्मचारी के लिए आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य है, कैबिनेट बैठक में मुख्य सचिव समेत तमाम आला अधिकारी और मंत्रीगण मौजूद थे,

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अब सवाल उठने लगा है कि या तो सतपाल महाराज खुद ऐप का प्रयोग नहीं करते थे या फिर सरकारी अमले में भी लोग भी ऐप का प्रयोग नहीं करते. क्योंकि अगर महाराज ने ऐप एक्टिवेट किया होता और उसमें सही जानकारी भरी होती तो वे समय रहते डिटेक्ट हो सकते थे.

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कैबिनेट समेत तमाम ऑफिसर उनके संपर्क में आने से बच सकते थे. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. अब तमाम मंत्रियों और अफसरों पर कोरोना संक्रमण की आशंका के बादल मंडरा रहे हैं.

कांग्रेस ने की जांच की मांग 

कांग्रेस ने इसे गंभीरता से लिया है. कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी का कहना है कि यह इस बात को साबित करता है कि आरोग्य सेतु ऐप कारगर नहीं है. गरिमा आरोप लगा रही हैं कि इसी ऐप के प्रचार-प्रसार पर सरकार ने लाखों रुपये उड़ा दिए लेकिन उसके मंत्री तक इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं.

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कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए. यदि मंत्री आरोग्य सेतु ऐप का प्रयोग नहीं कर रहे थे तो यह एक गंभीर लापरवाही है.

दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने पूरे कोरोना काल में जनता का मनोबल तोड़ने का काम किया है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान का कहना है कि किसी भी प्रिवेन्टिव मीज़र में पांच फीसदी संक्रमण की आशंका हमेशा बनी रहती है.

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