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आरटीआई कार्यकर्ता ने विकास खंड जसपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत राजपुर में मनरेगा योजना में धांधली का आरोप लगाया है. इस संबंध में सूबे के मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेज कर आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने की मांग की है

उत्तराखंड

खुलासा: मनरेगा योजना में धांधली, सीएम से जांच की मांग

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काशीपुरअनुुुज: ग्राम पंचायत राजपुर में मनरेगा योजना के तहत संपर्क मार्ग पर धांधली की बात सामने आई थी. इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है,

जिसमें संपर्क मार्ग निर्माण में ट्रैक्ट्रर ट्रॉली द्वारा मिट्टी भरान करने, बिल/वाउचर और एमबी में धांधली कर भुगतान करने का आरोप लगाया है. कार्यकर्ता ने सीएम से जल्द मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

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दरअसल, कुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम मिस्सरवाला निवासी आरटीआई कार्यकर्ता आसिम अजहर ने अपने शिकायती पत्र द्वारा आरोप लगाया है कि विकास खंड जसपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत राजपुर में साल 2014-15 में मनरेगा योजना के अंतर्गत इसरार प्रधान के बाग से फीका नदी तक संपर्क मार्ग निर्माण संबंधित सूचना मांगी गई थी, जिसके बाद लोक सूचना अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत राजपुर और विकास खण्ड जसपुर द्वारा जो रिपोर्ट सौंपी गई, उसमें सभी कार्यों में धांधली की बात सामने आई है.

आरटीआई कार्यकर्ता ने आरोप लगाते हुए कहा, कि वैसे तो मनरेगा योजना के तहत किए गए संपर्क मार्ग निर्माण में मिट्टी भरान कार्य मजदूरों से ही कराया जाता है. लेकिन ये कार्य ट्रैक्ट्रर ट्रॉली द्वारा कराना और लगभग 51 रुपए घन मीटर के हिसाब से 373 घन मीटर का 19 हजार 23 रुपये का भुगतान, बैंक के लेखाजोखा में दर्शाया गया, जबकि ट्रैक्टर से संबंधित कोई प्रमाण नहीं दिखाया गया है और ना ही मिट्टी भरान व उठान की जिम्मेदारी किसी अधिकारी ने ली है.

इसके अलावा सड़क निर्माण में मिट्टी भरान कार्य की एमबी में कनिष्ठ अभियंता की ओर से 34 रुपए घन मीटर के हिसाब से 560.96 घन मी. दर्शाया है. साथ ही ठेकेदार की ओर से बिल/वाउचर में 51 रुपए घन मीटर के हिसाब से 373 घन मीटर मिट्टी डालना दिखाया गया है और बिल को कनिष्ठ अभियंता द्वारा प्रमाणित किया गया है.

वहीं, ठेकेदार का कहना है कि संपर्क मार्ग निर्माण कार्य में करीब 37 मजदूरों ने कार्य किया है. इसके लिए उन्हें भुगतान भी किया गया है. ऐसे में आरटीआई कार्यकर्ता आसिम अजहर ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर मनरेगा कार्य एवं बिल/वाउचरों में हेराफेरी करने और घोटाला करने के मामले में जांच करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

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