प्रियांशू सेमवाल Unlock 1.0: कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए उत्तराखंड में सोमवार से फिर व्यवस्था बदल गई। प्रतिबंध शाम सात से सुबह सात बजे तक के लिए लागू कर दिए गए हैं। वीवीआईपी को रियायत दी गई, सेना को अपनी व्यवस्था करने को कहा गया है।  वहीं, बाहर से आने वालों को सिर्फ […]" /> प्रियांशू सेमवाल Unlock 1.0: कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए उत्तराखंड में सोमवार से फिर व्यवस्था बदल गई। प्रतिबंध शाम सात से सुबह सात बजे तक के लिए लागू कर दिए गए हैं। वीवीआईपी को रियायत दी गई, सेना को अपनी व्यवस्था करने को कहा गया है।  वहीं, बाहर से आने वालों को सिर्फ […]"> Unlock 1.0: कोरोना वायरस को रोकने के लिए फिर बदली व्यवस्था, क्या है नया प्लान और किसे मिली राहत, पढ़िए पूरी खबर.. » Uttarakhand Today News
Connect with us
40e.g uttarakhand today
Unlock 1.0: कोरोना वायरस को रोकने के लिए फिर बदली व्यवस्था, क्या है नया प्लान और किसे मिली राहत, पढ़िए पूरी खबर..

उत्तराखंड

Unlock 1.0: कोरोना वायरस को रोकने के लिए फिर बदली व्यवस्था, क्या है नया प्लान और किसे मिली राहत, पढ़िए पूरी खबर..

ezgif.com resize

ajax loader

प्रियांशू सेमवाल

Unlock 1.0: कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए उत्तराखंड में सोमवार से फिर व्यवस्था बदल गई। प्रतिबंध शाम सात से सुबह सात बजे तक के लिए लागू कर दिए गए हैं। वीवीआईपी को रियायत दी गई, सेना को अपनी व्यवस्था करने को कहा गया है। 

वहीं, बाहर से आने वालों को सिर्फ वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने को कहा गया है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की ओर से देर शाम यह एसओपी जारी कर कर दी गई है। नई एसओपी में कोविड-19 लोड वाल शहरों से आने वालों क लिए सख्ती की गई।

एसओपी के मुख्य बिंदु
अब कनटेनमेंट और बफर जोन की व्यवस्था

  1. कोविड -19 संक्रमण के आधार पर डीएम कंटेनमेंट जोन तय करेंगे। इन जोन के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व के आदेश का पालन किया जाएगा और डीएम चाहेंगे तो नए प्रतिबंध भी लगा सकेंगे। इसी के साथ रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई।
  2. डीएम कंटेनमेंट जोन के बफर जोन भी तय करेंगे।
    अब यह रहेगा मूवमेंट प्लान
  3. राज्य से बाहर से आने वाले-ट्रेन, बस, हवाई जहाज सहित किसी भी तरह से बाहर से आने वाले लोगों को वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा और आरोग्य एप डाउनलोड करना होगा।
  4. 31 शहरों से आने वाले लोगों को सात दिन संस्थागत क्वारंटीन और 14 दिन होम क्वारंटीन होना होगा। लोग चाहें तो सरकारी क्वांरटीन निशुल्क व्यवस्था या भुगतान कर क्वारंटीन सेंटर में रह सकते हैं। अन्य शहरों से आने वालों को 14 दिन के लिए होम क्वांरटीन होना होगा।
  5. इनको मिलेगी रियायत
    गर्भवती महिलाएं, गंभीर रोगी, 65 वर्ष से अधिक के वरिष्ठ नागरिक, दस साल से कम उम्र के बच्चों के साथ यात्रा करने वाले माता-पिता। इन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा।
  6. राज्य और जिला नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग से परामर्श कर बिना लक्षण वाले लोगों को 14 दिन के होम क्वारंटीन की अनुमति दे सकेंगे।
  7. बिना लक्षण वाले रोगी जो 31 शहरों में गए हैं, वे वापसी पर 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होंगे। यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि यात्रा के दौरान हाई लोड शहर में प्लेन बदलने वालों को भी 14 दिन के होम क्वारंटीन मे रहना होगा।
    संस्थाएं देंगी प्रमाण पत्र, नहीं होना होगा क्वारंटीन
  • राज्य के बाहर से तकनीकि सहित अन्य काम के लिए आने वाले बिना लक्षण के लोगों को संबंधित उद्योग एवं अन्य संस्थाओं के प्रमाण पत्र के आधार पर काम करने की अनुमति और उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन नहीं होना होगा। वे संबंधित एजेंसी के क्वारंटीन सेंटर को रिपोर्ट करेंगे और काम पर आ जा सकेंगे। काम पूरा करने के बाद वे वापस जा सकेंगे।
  • सात दिन का संस्थागत क्वांरटीन पूरा करने वाले और बिना लक्षण के हों तो उन्हें जाने की इजाजत होगी। इनको 14 दिन होम क्वारंटीन रहना होगा। अगर कोविड टेस्ट का परिणाम नहीं आया है तो उन्हें दस दिन में जाने दिया जाएगा। उन्हें 14 दिन होम क्वारंटीन रहना होगा। उन्हें शपथ पत्र देना होगा।
    राज्य के अंदर मूवमेंट
  • किसी परमिट और पास की जरूरत नहीं होगी लेकिन उन्हें रजिस्ट्रेशन करना होगा वैबसाइट पर। किसी को क्वारंटीन नहीं होना होगा।
    पहले 75 शहरों की सूची जारी की थी सरकार ने
    कोविड-19 महामारी के संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित 31 शहरों से उत्तराखंड आने वाले लोगों को सात दिन संस्थागत क्वारंटीन होना पड़ेगा। संस्थागत क्वारंटीन पूरा करने के बाद वे 14 दिन होम क्वारंटीन रहेंगे। प्रदेश सरकार ने सोमवार को चिह्नित 31 शहरों की सूची जारी कर दी है। इससे पूर्व सरकार ने ऐसे 75 शहरों को चिह्नित किया था और इन शहरों से आने वाले लोगों के लिए सात दिन का संस्थागत क्वारंटीन अनिवार्यता किया गया था। इन शहरों से ऑनलाइन अनुमति प्राप्त करने वाले लोगों को आने दिया जाएगा।

31 शहरों की सूची


मुंबई के सभी जिले, चेन्नई, अहमदाबाद, थाणे, पुणे, इंदौर, कोलकाता, जयपुर, हैदराबाद, सूरत, औरंगाबाद, जोधपुर, भोपाल, चेंगापट्टू(तमिलनाडु), गुरुग्राम, नासिक, रायगढ़, हावड़ा, आगरा, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, कानपुर नगर, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली व पीलीभीत।

मंत्रियों, सांसदों, विधायकों व जजों को छूट


राज्य के भीतर और राज्य के बाहर कार्यालय काम से आने जाने के लिए वीवीआईपी व महानुभावों को छूट दी गई है। उन्हें क्वारंटीन नहीं होना होगा। अलबत्ता उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए सुरक्षा से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।


इन वीवीआईपी को मिली छूट


केंद्रीय मंत्री, प्रदेश सरकार के मंत्री, उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीश व सभी जिला न्यायालयों के न्यायिक अधिकारी, राज्य के सभी सांसद व विधायक, केंद्र सरकार, राज्य सरकार व निगमों बोर्डों के अधिकारी, केंद्र व राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों के सभी अधिकारी ।

सैनिक व अर्द्धसैनिक बल खुद करेंगे इंतजाम
सेना व केंद्रीय सुरक्षा बलों से जुड़े अधिकारियों व जवानों के लिए संस्थागत क्वारंटीन का इंतजाम सेना व अर्द्धसैनिक बल अपने स्तर पर करेंगे। अत्यधिक संक्रमित 31 शहरों से आने वाले सैन्य व अर्द्धसैनिक बलों से जुड़े अधिकारियों व जवानों के पारिवारिक सदस्यों के लिए उत्तराखंड आने पर सात दिन का संस्थागत क्वारंटीन अनिवार्य होगा। इसके बाद उन्हें 14 दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा। क्वारंटीन व्यवस्था की सूचना उन्हें राज्य सरकार और जिला प्रशासन को देनी होगी।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

देश

देश

ट्रेंडिंग खबरें

Recent Posts

Like Facebook Page

To Top
0 Shares
Share via
Copy link
Powered by Social Snap