बागेश्वर
आपदाः उत्तराखंड के इस गांव में बारिश ने मचाई भारी तबाही, सब कुछ हो गया तहस-नहस…
बागेश्वर। उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी है। बागेश्वर से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां बास्ती गांव में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। उफानाई नदी से बाढ़ जैसे हालात बन गए है। फसलों को भारी नुकसान हुआ है। भूस्खलन होने से मलबा, खड़े पेड़, बोल्डर आदि गांव की तरफ बहने लगे। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं उपजिलाधिकारी राकेश चंद्र तिवारी ने बताया कि नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।
बता दें कि शनिवार की सुबह लगभग दो बजे काडा तहसील के बास्ती गांव में अतिवृष्टि हुई है। जिससे स्थानीय गधेरा उफना गया और भूस्खलन होने से मलबा, खड़े पेड़, बोल्डर आदि गांव की तरफ बहने लगे। अतिवृष्टि और बाढ़ जैसे हालात देश ग्रामीणों को दहशत में आ गए। इस बाढ़ में कई लोग के खेत बह गए। गांव का सामूहिक घराट भी आपदा की भेंट चढ़ गया है। पहाड़ों पर भूस्खलन के कारण सड़के मलबे से पटी हुई है।कई पेड़ गिर गए है। गांव में सब – कुछ तहस नहस हो गया है। गनिमत रही की आपदा नें किसी जन और पशुहानि की सूचना नहीं है। वहीं आपदा की सूचना पर प्रशासन की टीम आपदाग्रस्त कांड़ा गांव में पहुंच रही है।
आपदा ग्रस्त क्षेत्र कपकोट में 37 एमएम बारिश का आंकड़ा दर्ज किया गया है। वहीं सरयू नदी में 866.80 मीटर जल स्तर, गोमती में 862.20 मीटर जलस्तर, व बैजनाथ बैराज 1112.20 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि गांव के कई घरों में दरारे आ गई है। बाढ़ के कारण कई घर खतरे की जद में आ गए है। एक मोटर पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। निकास नाली, सड़कें, खेत आदि भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अतिवृष्टि के काराण सड़कों पर भारी मात्रा में भूस्खलन हुआ है। मलबा और बोल्डर आने से कपकोट में बारिश से सड़कें बंद बघर, रिखाड़ी-बाछम, कपकोट-कर्मी, कपकोट-लीती, सूपी मोटर मार्ग पर पूरी तरह यातायात ठप हो गया है। जिससे स्थानीय लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।

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