उत्तराखंड
70 लाख के गबन में फंसे अफसर, जानिए क्या है मामला
UT- सिंचाई विभाग के सितारगंज डिवीजन में 70 लाख के गबन में दोषी अफसरों पर एफआईआर के आदेश दे दिए गए हैं। सचिव (सिंचाई) डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने प्रमुख अभियंता मुकेश मोहन को इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करते हुए कार्रवाई शुरू करने को कहा है। जो अधिकारी-कर्मचारी इस जांच में दोषी पाए जाएंगे, उन सभी के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। उत्तराखंड सरकार ने इस गबन का स्पेशल ऑडिट कराने का भी निर्णय लिया है। इस बाबत वित्त सचिव से संस्तुति ली जाएगी। वहीं, तत्कालीन अधिशासी अभियंता संजय राज को सिंचाई मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।
यह है मामला
यह मामला दिसंबर 2014 से मार्च 2018 के बीच का है। मुख्य अभियंता स्तर-1 मोहन चंद्र पांडे ने सरकार को जांच रिपोर्ट दी थी। इसके अनुसार, 67 लाख 35,123 रुपये डीएलसी, 90 हजार 816 रुपये नगद प्राप्तियों में गबन किया गया। सितारगंज डिवीजन में रहे ईई संजय राज, खंडीय लेखाधिकारी धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भी की गई थी।
‘हिन्दुस्तान’ ने किया था गबन का खुलासा- इस मामले में आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने 14 दिसंबर 2018 को खुलासा किया था। इसके बाद सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। हाल में सिंचाई विभाग ने प्रारंभिक जांच सरकार को सौंपी है। इस जांच में भी अनियमितता की पुष्टि है। इस रिपोर्ट के आधार पर सचिव ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
जांच रिपोर्ट में ऑडिट टीम पर भी उठाए गए थे सवाल
जांच रिपोर्ट में ऑडिट टीम पर भी सवाल उठाए गए थे। सितारगंज डिवीजन के सृजन के दिन से खंडीय लेखाधिकारी धर्मेंद्र कुमार के पास यहां का अतिरिक्त चार्ज रहा है। आठ जुलाई 2015 से 31 जुलाई 2018 तक वो नियमित रूप से नियुक्त रहे। मगर, पिछले वर्षों के ऑडिट पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया।
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