उत्तराखंड
जागरूकता से होगा सर्वाइकल कैंसर से बचाव, 30 स 65 वर्ष उम्र की महिलाओं को स्क्रीनिंग करवाने की सलाह…
ऋषिकेश: सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन सप्ताह के अवसर पर एम्स में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को समय-समय पर स्की्रनिंग करने की सलाह दी गयी। बताया गया कि जनजागरूकता के माध्यम से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को रोका जा सकता है।
एम्स ऋषिकेश के प्रसूती व स्त्री रोग विभाग तथा नर्सिंग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सर्वाइकल कैंसर पर जनजागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। अस्पताल के पेशेन्ट एरिया में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर को समाप्त करने के लिए प्रत्येक महिला को स्वयं जागरूक होना पड़ेगा। जनजागरूकता तथा टीकाकरण के माध्यम से इस बीमारी को रोका जा सकता है।
प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि इससे बचाव के लिए नियमित स्तर पर इसकी जांच हेतु स्क्रीनिंग करानी जरूरी है। जांच और स्क्रीनिंग के लिए संस्थान में आई.डब्लू.सी.सी सेन्टर स्थापित है। महिलाओं को इस सुविधा का लाभ उठाना चाहिए।
डीन एकेडेमिक और गायनी विभाग की हेड प्रो. जया चतुर्वेदी ने एम्स ऋषिकेश द्वारा संचालित स्क्रीनिंग कार्यक्रम की जानकारी दी और एचपीवी टीकाकरण अभियान को बढ़ाने पर जोर दिया और कहा कि इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम को चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संजीव कुमार मित्तल ने भी संबोधित किया। गायनी विभाग की ऑन्कोलॉजिस्ट प्रोफेसर डाॅ. शालिनी राजाराम ने सर्वाकल कैंसर के लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन से इसे रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी महिला में इस बीमारी के लक्षण हों या हों, तब भी उन्हें प्रत्येक 5 वर्ष में स्क्रीनिंग करवानी चाहिए।
‘‘सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन सप्ताह‘‘ के अवसर पर नर्सिंग ऑफिसर्स और रेजिडेंट डॉक्टरों की टीम द्वारा नुक्कड़ नाटक प्र्रस्तुत कर इस बीमारी के प्रति महिलाओं को जागरूक किया गया। साथ ही इस विषय पर पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। कार्यक्रम में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम कारक, संकेत और लक्षण, स्क्रीनिंग कार्यक्रम, एचपीवी टीकाकरण आदि के बारे में विस्तृत जानकारियां दी गयीं। इस दौरान गायनी विभाग के विभिन्न फेकल्टी सदस्य, चीफ नर्सिंग ऑफिसर रीटा शर्मा, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मौजूद रहे।
एम्स ऋषिकेश की गायनी ओपीडी और आईडब्लूसीसी सेन्टर में प्रत्येक दिन महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की जांच की जाती है। स्त्री रोग ऑन्कोलॉजिस्ट डाॅ. शालिनी राजाराम ने बताया कि अभी तक 1800 से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। बताया कि इस बीमारी से बचाव के लिए 9 से 14 वर्ष की प्रत्येक किशोरी को एचपीवी वैक्सीन लगवानी जरूरी है।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 उत्तराखंड टुडे के वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें
👉 उत्तराखंड टुडे के फेसबुक पेज़ को लाइक करें
Latest News -
Polynion Explained: Everything You Need to Know Before Getting Started
डीएम सविन बंसल की कार्यशैली को जनसमर्थन, लापरवाही पर कार्रवाई, जनता का भरोसा मजबूत…
उत्तराखंड: धामी सरकार के नाम एक और कीर्तिमान उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या ने तोड़ा रिकॉर्ड…
होटल में निवेश के नाम पर 2 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज…
मुख्यमंत्री ने 1035 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, शिक्षा के स्तर को नई मजबूती…















Subscribe Our channel