उत्तराखंड
वनरक्षक भर्ती घोटाला: वनरक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा ब्लूटूथ का इस्तेमाल करने की पुष्टि
देहरादून: हाल में इसी वर्ष फरवरी में हुई वनरक्षक भर्ती के दौरान 57 अभ्यर्थियों द्वारा ब्लूटूथ का इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई है।
इसमें 31 लोगों की पहचान हो चुकी है। औरों की जांच जारी है, भर्ती घोटाले के आरोप को लेकर एसआईटी की जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की गई है
जांच रिपोर्ट फिलहाल अधीनस्थ चयन आयोग के पास है। आयोग की बोर्ड बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा।
प्रदेश में इस वर्ष फरवरी में वन विभाग के अंतर्गत वन रक्षकों के 1150 पदों पर अधीनस्थ चयन सेवा आयोग द्वारा भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी।
इस परीक्षा में 1.56 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इस दौरान भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोप लगे। कहा गया कि परीक्षा में मोबाइल फोन और ब्लूटूथ का इस्तेमाल किया गया।
इस पर सरकार ने मामले की जांच एसआइटी से कराने का निर्णय लिया। एसआइटी मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट अधीनस्थ चयन सेवा आयोग को सौंप चुकी है।
सूत्रों की मानें तो एसआइटी ने अपनी रिपोर्ट में भी ब्लूटूथ के इस्तेमाल की बात को सही पाया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि यह अंतरिम जांच रिपोर्ट है। इसमें विस्तृत जांच किए जाने की भी जरूरत है।
वहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि सरकार हर काम में पारदर्शिता रख रही है। इस मामले की जांच भी सार्वजनिक की जाएगी।
परीक्षा देने वाले किसी भी अभ्यर्थी के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने कहा कि आयोग को एसआइटी की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। जल्द ही इसे बोर्ड की बैठक में चर्चा के बाद इस पर निर्णय किया जाएगा।
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