देहरादून
Big Breaking: ऋषिकेश एम्स में अचानक 100 मेडिकल स्टाफ को नौकरी से निकालने पर मचा हंगामा, जानिए पूरा मामला…
ऋषिकेश: उत्तराखंड में कोरोना की दूसरी लहर में बहुत कहर ढाया, तीसरी लहर की भी आहट शुरू हो गई है। लेकिन इस बीच बड़ी खबर ऋषिकेश से आ रही है। कोरोना के कहर के बीच अब जब सबसे ज्यादा मेडिकल स्टाफ की जरूरत है तो एम्स प्रशासन की एक एजेंसी ने करीब 100 मेडिकल स्टाफ को अचानक नौकरी से निकाल दिया है। इस बात से नाराज होकर आज सुबह से मेडिकल स्टाफ, एम्स प्रशासन और एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन कर रहे हैं। स्टाफ का साफ कहना है कि जब तक उन्हें उनकी नौकरी वापस नहीं मिलती, वह एम्स प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करते रहेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मेडिकल स्टाफ को शुक्रवार (7 जनवरी) रात अचानक लेटर देकर कहा गया कि वह अगले दिन (8 जनवरी) से ड्यूटी पर न आएं, क्योंकि उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। यह लेटर करीब 100 मेडिकल स्टाफ को दिया गया है।मेडिकल स्टाफ प्रियंका ने बताया कि नौकरी लगाने के समय भी उन्होंने एजेंसी को अच्छी खासी रकम दी थी। 2 साल की नौकरी अभी पूरी भी नहीं हुई कि उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में संक्रमित मरीजों की सेवा की है, आखिर किस गलती की सजा उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है।
अचानक निकाले गए स्टाफ में आक्रोश है। शनिवार सुबह से हो रहे हंगामे के बीच समस्या सुनने पहुंची तहसीलदार को भी मेडिकल स्टाफ के गुस्से का सामना करना पड़ा। उधर, हंगामे की वजह से ओपीडी पहुंचे मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। बड़ी संख्या में मेडिकल स्टाफ के बाहर निकाले जाने से एम्स के अंदर स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाने की भी आशंका जताई जा रही है। वहीं निकाले गए मेडिकल स्टाफ का कहना है कि कोरोना के कहर के बीच उन्होंने अपनी सेवाएं दी और अब उनको नौकरी से बाहर निकाला जा रहा है।

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