उत्तराखंड
फैसला: सरकार का गजब फैसला, सरकारी अधिकारियों का जबरन रिटायरमेंट
देहरादून। भारत सरकार की तर्ज पर अब राज्य सरकार ने भी निष्क्रिय सरकारी कर्मचारियों को रिटायर्ड करने का फैसला ले लिया है। प्रदेश सरकार 50 वर्ष से अधिक लापरवाह औऱ भ्र्ष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए शासन को कह चुकी है।
आदेश के बाद से शासन स्तर से इसी मई में एक आदेश जारी कर ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर स्क्रीनिंग कमेटी के सामने प्रस्तुत करने को कहा था।
आपको बता दें वित्तीय हस्तपुस्तिका में यह प्रविधान है। जिसमे राज्याधीन सेवा संवर्ग के अंतर्गत कार्यरत 50 वर्ष की आयु प्राप्त किसी भी सरकारी सेवक को उसका नियुक्ति प्राधिकारी बिना कोई कारण बताए तीन माह का नोटिस अथवा तीन माह का वेतन देकर अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किया जा सकता है।
सचिवालय प्रशासन ने निजी सचिव संवर्ग और लेखा विभाग के 50 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे कार्मिकों का ब्योरा तलब किया है, जो अनिवार्य सेवानिवृत्ति के पात्र हैं।
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