देहरादून
दूसरा चरण: कोरोना वैक्सीन कल से किसे, कैसे और कितने में लगेगी.. पढ़ें पूरी जानकारी..
देहरादून: महाराष्ट्र, केरल और दिल्ली में कोरोना संक्रमण में आ रही तेजी के बीच देश में 1 मार्च से आम जनता को कोरोना का टीका लगने का काम शुरू हो जाएगा। केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक देश के दस हज़ार सरकारी केंद्रों पर मुफ्त टीका लगाया जाएगा, जहां 60 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति या फिर 20 तरह की दूसरी बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति टीका लगवा सकेगा। देश में करीब 20 हज़ार निजी केंद्रों पर भी टीका लगाया जाएगा। केंद्र सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए प्रति टीका की कीमत अधिकतम 250 रुपये तय की है। यानी इससे ज्यादा कीमत कोई निजी अस्पताल नहीं ले सकेगा। चूंकि टीके की दो डोज लगने हैं तो कुल 500 रुपये अधिकतम दो डोज के लिए जा सकेंगे। 60 से ऊपर के लोगों को केवल अपना पहचान पत्र दिखाना होगा जिससे उनकी उम्र कंफर्म हो जाएगी और टीका लगा दिया जाएगा। साथ ही 45-59 वर्ष के पुरानी गंभीर बीमारी वाले लोगों को एक फॉर्म देना होगा। इस फॉर्म में रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर से ये प्रमाणित कराना होगा कि 20 पुरानी गंभीर बीमारियों में से इस व्यक्ति को कम से कम कोई एक बीमारी है। सरकार ने इसमें 20 बीमारियों को शामिल किया है। इनमें किडनी, लीवर, हार्ट फेलियर सहित अन्य कई बीमारियों को शामिल की गई हैं। साथ ही 20 बिमारियों से ग्रस्त या पीड़ित मरीजों में दूसरे चरण के टीकाकरण में प्राथमिकता दी जाएगी। जिनमें….
1. पिछले एक साल के दौरान दिल का दौरा पड़ा हो (बीते एक साल के अंदर अस्पताल में भर्ती होना पड़ा हो)।
2. पोस्ट कार्डियक ट्रांसप्लांट (एलवीएडी) लेफ्ट वेंट्रीकुलर असिस्ट डिवाइस।
3. लेफ्ट वेंट्रीकुलर सिस्टोलिक डिसफंक्शन।
4. मध्यम स्तर या तेज स्तर का हृदय रोग।
5. कनजेनाइटल हार्ट डिजीज।
6. कोरोनरी आर्टरी डिजीज, मधुमेह, उच्चरक्तचाप (बीपी), हाइपरटेंशन के मरीज जिनका इलाज चल रहा है।
7. एनजाइना के साथ हाइपरटेंशन और डायबिटीज।
8. सीटी एमआरआई डक्यूमेंटेड स्ट्रोक।
9. पल्मोनरी आर्टरी डिजीज।
10. डायबिटीज (10 साल पुराना मामला या जटिलताओं सहित) और हाइपरटेंशन के इलाजरत मरीज।
11. किडनी-लिवर-हेमाटोपोइएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांटरू करा चुके-प्रतीक्षा सूची में नाम हो।
12. किडनी की बीमारी का अंतिम चरण-सीएपीडी।
13. मौखिक कॉर्टिकोस्टेरॉइड-इम्यूनोसप्रेसेन्ट दवाओं का वर्तमान लंबे समय तक उपयोग।
14. विघटित सिरोसिस।
15. सीवियर रेस्पिरेटरी डिजीज।
16. पिछले दो वर्षों में अस्पताल में भर्ती-फेव 1 50 प्रतिशत के साथ गंभीर श्वसन रोग।
17. लिम्फोमा-ल्यूकेमिया-मायलोमा किसी भी ठोस कैंसर का निदान 1 जुलाई 2020 या उसके बाद किसी भी कैंसर चिकित्सा पर।
18. सिकल सेल रोग-अस्थि मैरोव विफलता-अप्लास्टिक एनीमिया-थैलेसीमिया मेजर।
19. प्राथमिक इम्यूनोडिफिशियेंसी रोग-एचआईवी संक्रमण।
20. बौद्धिक अक्षमता-पेशी अपविकास-एसिड अटैक के कारण श्वसन प्रणाली के शामिल होने के कारण- विकलांगों में उच्च समर्थन की जरूरत वाले विकलांग-बहरे-अंधापन सहित कई विकलांग।
देश में इस समय 10,000 से ज्यादा प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत पैनल पर हैं जबकि 687 प्राइवेट अस्पताल सीजीएचएस के पैनल पर हैं। इन सब में टीकाकरण किया जा सकता है। प्राइवेट अस्पतालों की लिस्ट स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी गई है। इन सबके अलावा सरकारी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सब डिविजनल हॉस्पिटल, सीएचसी, पीएचसी में भी अब टीका लगाया जा सकेगा।

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