हरिद्वार
आदेश: हरिद्वार जा रहे हैं तो पहले ही पढ़ लीजिए ये नियम… वरना नहीं मिलेगी एंट्री…
हरिद्वार। उत्तराखंड में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए सरकार की सख्ती बरकरार है। राज्य में कावंड़ यात्रा रद्द करने के बाद अब प्रशासन ने गुरू पूर्णिमा के लिए भी गाइडलाइन जारी की है। अगर आप हरिद्वार आ रहें हैं तो आपको ये नियम नहीं पता हुए तो कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। फजिहत से बचने के लिए ये खबर आपके लिए जरूरी है।
आपको बता दें कि नियमों के तहत इस बार गुरु पूर्णिमा का पर्व स्नान संकेतिक होगा। शासन ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए है। गुरु पूर्णिमा पर बाहरी राज्यों से श्रद्धालुओं के हरिद्वार आने की संभावना है। जिससे कोरोना के फैलने की आशंका को देखते हुए शासन ने गुरु पूर्णिमा पर्व स्नान को संकेतिक कर दिया है। आदेश के अनुसार 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व स्नान संकेतिक होगा । इस दौरान श्री गंगा सभा और तीर्थ पुरोहित की सांकेतिक रूप से पूजन कर स्नान करेंगे लेकिन इसके लिए गुरु पूर्णिमा पर धर्मनगरी में गुरुओं की पूजाकर उनसे आशीर्वाद लेने आने वाले श्रद्धालुओं को जिले के बार्डर पर आरटी पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। नेगेटिव रिपोर्ट से श्रद्धालु हरिद्वार तो आ सकेंगे लेकिन गंगा में स्नान नहीं कर पाएंगे हर की पौड़ी समेत सभी घाटों पर पुलिस की कड़ी चौकसी रहेगी।
गौरतलब है कि गुरू पूर्णिमा पर अधिक संख्या में लोग गंगा में स्नान करने आते है। लेकिन इस बार सांकेतिक रूप से गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। वहीं 25 जुलाई से श्रावण मास भी शुरू हो रहा है। कांवड़ मेला स्थगित होने के बाद जिले के बार्डर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी 24 जुलाई को कोविड-19 के संबंध में केंद्र व राज्य की गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराएंगे।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 उत्तराखंड टुडे के वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें
👉 उत्तराखंड टुडे के फेसबुक पेज़ को लाइक करें
Latest News -
डीएम सविन बंसल की कार्यशैली को जनसमर्थन, लापरवाही पर कार्रवाई, जनता का भरोसा मजबूत…
उत्तराखंड: धामी सरकार के नाम एक और कीर्तिमान उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या ने तोड़ा रिकॉर्ड…
होटल में निवेश के नाम पर 2 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज…
मुख्यमंत्री ने 1035 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, शिक्षा के स्तर को नई मजबूती…
परिस्थितियों से वीरान बचपन को मिली नई उड़ान, सड़क से स्कूल तक पहुँची दो बेटियाँ





















Subscribe Our channel




