देहरादून
नमन: लेफ्टिनेंट कमांडर अंनत कुमार का पार्थिव शरीर पहुंचा देहरादून, तीन माह की दुल्हन का रो रोकर बुरा हाल…
देहरादून। उत्तराखंड का एक और जवान सबको अलविदा कह गया है। देहरादून के बेटे लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत कुकरेती का पार्थिव शरीर आज उनके घर लाया गया। वह त्रिशूल चोटी आरोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे। उनकी तीन महीने पहले ही शादी हुई थी। जवान की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं जवान के अंतिम दर्शन करने जन सैलाब उमड़ आया। अंनत के घर और इलाके में मातम पसरा हुआ है। हर आंख नम दिखाई दी
आपको बता दें कि अंनत का परिवार मूल रूप से गांव जौरासी पट्टी दुगड्डा ब्लाक पौड़ी के रहने वाला है। रविवार पूरा परिवार देहरादून पहुंचा हुआ है। अंनत के पार्थिव शरीर के देहरादून के नत्थनपुर स्थित गंगोत्री विहार स्थित पहुचंने पर उनके आवास के बाहर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी हुई है। मां-पिता के साथ ही घर में मौजूद सभी लोग का रो रोकर बुरा हाल है। नई नवेली दुल्हन अंनत का इंतज़ार करती रह गई। इसके पहले जवान का पार्थिव शरीर वायु सेना के हेलीकॉप्टर से नेवी हेड क्वॉर्टर के लिए भेज गया था। आर्मी हेलीपैड पर चारों जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद विशेष हेलीकॉप्टर से पार्थिव शरीर हेड क्वॉर्टर भेजे गए थे ।
गौरतलब है कि बागेश्वर में त्रिशूल चोटी आरोहण के दौरान बीती शुक्रवार सुबह नौसेना के पांच अधिकारी और एक पोर्टर हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे। इसके बाद से रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया गया। दो दिन की कड़ी मशक्कत के बाद पांच पर्वतारोहियों में से चार के शव बरामद कर लिए गए थे। इनकी पहचान लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव, लेफ्टिनेंट कमांडर योगेश तिवारी, लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत कुकरेती और हरिओम हरिओम एमसीपीओ के रूप में हुई है।

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