उत्तराखंड
13 नवंबर को ई-मंत्रिमंडल का ट्रायल
UT- प्रदेश में 13 नवंबर को ई-मंत्रिमंडल प्रणाली के ट्रायल की तैयारी तेज कर दी गई हैं। सरकार ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों और प्रभारी सचिवों को ई-मंत्रिमंडल के सुचारू और त्रुटिरहित संचालन के लिए सूचनाओं को जांचने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत चालू माह में ई-मंत्रिमंडल आहूत करने के निर्देश दे चुके हैं। ऐसा होने के साथ ही राज्य सरकार का बड़ा कामकाज पेपरलेस हो जाएगा। इस सिलसिले में एनआइसी के तय मानकों के मुताबिक उपकरणों की खरीद, ई-ऑफिस को सुचारू क्रियान्वित करने और सचिवालय और शासन स्तर पर स्टाफ के प्रशिक्षण का कार्य पूरा करने के निर्देश संबंधित आला अधिकारियों को दिए जा चुके हैं। ई-मंत्रिमंडल को लेकर सचिवालय के कार्मिकों और अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।
ई-मंत्रिमंडल के लिए मुख्यमंत्री, सभी मंत्रियों व प्रशासकीय विभागों के आला अधिकारियों के लिए कुल 24 टू-इन वन लैपटॉप खरीदे जाएंगे। सचिवालय प्रशासन ने इसका जिम्मा सूचना प्रौद्योगिकी विकास अभिकरण को सौंपा है। अभिकरण को ई-मंत्रिमंडल के लिए जरूरी उपकरणों की खरीद समय रहते करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
ई-मंत्रिमंडल की कड़ी में ई-ऑफिस पर बेहतर तरीके से अमल किया जाएगा। सचिवालय में डाटा सेंटर बन चुका है। सर्वर, वैब वर्चुअल मशीन, डाटाबेस मशीन, एमएस विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम, न्यूनतम पांच ऑल इन वन पीसी, मल्टी फंक्शन प्रिंटर समेत अन्य जरूरी उपकरणों की खरीद की कार्रवाई चल रही है। गोपन विभाग ने शासन के सभी आला अधिकारियों को पत्र लिखकर ई-मंत्रिमंडल के लिए सूचनाओं को प्रमाणिक व व्यावहारिक रूप से जांचने-परखने को कहा है। माना जा रहा है कि 13 नवंबर को प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक ई-मंत्रिमंडल का ट्रायल होगी।
लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 उत्तराखंड टुडे के वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें
👉 उत्तराखंड टुडे के फेसबुक पेज़ को लाइक करें
Latest News -
डीएम सविन बंसल की कार्यशैली को जनसमर्थन, लापरवाही पर कार्रवाई, जनता का भरोसा मजबूत…
उत्तराखंड: धामी सरकार के नाम एक और कीर्तिमान उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या ने तोड़ा रिकॉर्ड…
होटल में निवेश के नाम पर 2 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज…
मुख्यमंत्री ने 1035 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, शिक्षा के स्तर को नई मजबूती…
परिस्थितियों से वीरान बचपन को मिली नई उड़ान, सड़क से स्कूल तक पहुँची दो बेटियाँ
















Subscribe Our channel