उत्तराखंड
कवायद: औसत अंकों से पास होंगे उत्तराखण्ड बोर्ड के वंचित छात्र, औसत अंक से सहमत न होने वालों की होगी परीक्षा..
उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा से वंचित छात्रों को छूटे हुए विषयों में औसत अंक देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जो छात्र इस फार्मूला से सहमत नहीं होंगे उनके लिए हालात सुधरते ही परीक्षा का आयोजन कर मार्कशीट तैयार की जाएगी। अब यह निर्णय वंचित छात्रों पर निर्भर करता है।
सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जिसमे 22 से 25 जून के बीच आयोजित परीक्षा से वंचित छात्र ही इसके दायरे में आएंगे।
इसमे यह भी है कि दो मार्च से 21 मार्च के बीच हुई परीक्षाओं से कोई छात्र अनुपस्थित रहा होगा तो उसे इसका लाभ नहीं मिलेगा।
बताया जा रहा है कि औसत अंक की व्यवस्था से यदि कोई छात्र संतुष्ट नहीं हुए तो स्थति सुधरने के बाद असंतुष्ट छात्रों के लिए लिखित परीक्षा कराई जाएगी।
जिसके लिए छात्रों को परिणाम जारी होने के एक महीने के भीतर आवेदन करना होगा।
इस फार्मूले पर होगा काम
1-सभी पेपरों की परीक्षा दी तो संपूर्ण मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट
2-चार या इससे ज्यादा पेपरों की परीक्षा दी तो छूटे प्रश्नपत्रों में बेस्ट तीन के आधार पर औसत अंक
3-तीन विषयों/प्रश्नपत्रों की परीक्षा दी तो बेस्ट दो के आधार पर वंचित प्रश्नपत्र में औसत अंक
4-दो या इससे कम विषयों में परीक्षा दी तो दो का ही औसत निकालेंगे
5-एक ही विषय की परीक्षा के लिए आवेदन किया तो हालात सामान्य होने के बाद कराई जाएगी परीक्षा
जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन अभिभावकों की आजीविका पर फर्क नहीं पड़ा है वो फीस दे सकते हैं।
शिक्षा सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम की ओर से जारी आदेश के अनुसार सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने वाले स्कूल ही अभिभावकों से ट्यूशन फीस वसूल पाएंगे।

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