उत्तराखंड
गजब: लापरवाह बना लोनिवि, सीएम की स्वीकृति पर भी धूल फांकती रही विभाग में फाइल
देहरादून। लोक निर्माण विभाग का एक अजब गजब का कारनामा सामने आया है। जिसमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की स्वीकृति के बाद भी सवा साल तक फाइलें विभाग में धूल फांकती रही। ढीट लोनिवि ने सरकार के अनुमोदन के बाद भी फाइल टस से मस नहीं की।
मंगलवार को नाराज सरकार ने लोनिवि का पूरा अनुभाग ही बदल दिया। जिसमें पूरे स्टाफ को इधर से उधर किया जा चुका है। इस जीते उदाहरण ने सचिवालय में कामकाज और धूल फांक रही फाइलों की हकीकत को बयां कर के रख दिया है।
मीडिया रिपोर्ट लिखती है कि मुख्यमंत्री फाइलों के मूवमेंट में तेजी लाने के लिए बार-बार निर्देश देते रहे हैं। इसके बाद सचिवालय प्रशासन ने फाइलों के मूवमेंट का बंटवारा भी कर दिया था, पर इसके बावजूद कई अनुभागों के स्टाफ का रवैया नहीं बदला।
लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता गोकर्ण पांगती समेत दो इंजीनियरों को लापरवाही बरतने पर सवा साल पहले सीएम ने एडवर्स एंट्री देने को मंजूरी दी थी।
इसके बाद यह फाइल विभाग के संबंधित अफसरों से होकर अनुभाग तक लौटी तो वहीं डंप हो गई। किसी भी अफसर ने इसकी सुध नहीं ली। कुछ दिनों पहले जब अफसरों को इसकी जानकारी मिली तो वे भी हक्के-बक्के रह गए।
मंगलवार को तत्काल प्रभाव से अनुभाग एक के पूरे स्टाफ को बदल दिया गया। बुधवार को मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि इस मामले की जानकारी हाल में मिली थी, जिसके बाद अब सेक्शन में तैनात कर्मचारियों को हटा दिया गया है।
इनकी भी सुनिए
इस मामले की हाल में जानकारी मिली थी। इस पर अब सेक्शन में तैनात कर्मचारियों को हटा दिया गया है। सचिवालय में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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