देहरादून
दुःखद खबर। नहीं रहे आंदोलनकारी त्रेपन सिंह चौहान, लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे त्रेपन।
देहरादून। आंदोलनकारी त्रेपन सिंह चौहान नहीं रहे, वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। आखिर कार जिंदगी से उन्होंने दामन छुड़ा लिया।
उनके निधन की खबर सुनकर सभी वर्ग के लोग शोकाकुल हो गए है। उत्तराखण्ड टुडे मीडिया भी उन्हें श्रद्धांजलि देता है।
आपको बता दें उत्तराखंड में जन आंदोलनों के साथी त्रेपन चौहान दुनिया से विदा कह गए। त्रेपन चौहान उत्तराखंड में आंदोलनों का एक जाना पहचाना चेहरा हैं।
विभिन्न आंदोलनों में उनकी सक्रीय हिस्सेदारी रही है। खासतौर पर टिहरी के फलेंडा में जल विद्युत परियोजना के खिलाफ स्थानीय लोगों के आंदोलन का उन्होंने आगे बढ़ कर नेतृत्व किया।
देहारादून में असंगठित मजदूरों को संगठित करने के काम भी त्रेपन भाई ने किया। “हे ब्वारी” और “यमुना” जैसे उपन्यासों के लेखक भी त्रेपन भाई हैं।
More artical
दरकरार: जन आंदोलनकारी त्रेपन सिंह चौहान के उपचार में सभी को आना होगा आगे..स्थिति नाजुक..
दुःखद: कांग्रेस को बड़ा झटका,सहम गई प्रदेश कांग्रेस, आखिर क्यों
दहशत: उफान पर गंगा, दहशत में लोग, प्रशासन अलर्ट मोड पर, जानिए कंहा
लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 उत्तराखंड टुडे के वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें
👉 उत्तराखंड टुडे के फेसबुक पेज़ को लाइक करें
Latest News -
धामी सरकार के 5 साल पूरे, सेवा पखवाड़े की शुरुआत; 219 करोड़ की 51 विकास योजनाओं की सौगात…
उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार के बीच हुआ करार,उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं में होगा विस्तार
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम खण्डूड़ी को अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि…
हर विकासखण्ड में बसेंगे ‘आदर्श कृषि एवं उद्यान गांव’, किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस…
केदारनाथ धाम में बीपीसीएल अस्पताल का लोकार्पण, श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं…





















Subscribe Our channel
