देहरादून
नौकरी का संकट: युवाओं के सपनों पर कोरोना की बुरी नज़र, नौकरियों पर ग्रहण बन आई महामारी..
देहरादून: प्रदेश में कोरोना महामारी से हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। आये दिन कोरोना के मामलों में उछाल देखने को मिल रहा है। जिसके चलते प्रदेशवासी खासे चिंतित व परेशान हैं। इस महामारी के साथ प्रदेश के युवाओं के सामने रोजगार और नौकरी का भी संकट छा गया है। प्राइवेट संस्थान में नौकरी करने वाले परेशान हैं क्योंकि उनको अपनी रोजी रोटी की चिंता सता रही है। वहीं सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले लाखों युवाओं को इस कोरोना काल में झटके पर झटके लग रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में कई खाली पद चल रहे हैं, परंतु कोरोना के कारण कोई भी भर्ती प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पा रही है, क्योंकि विभागों की भर्ती प्रक्रिया लगातार स्थगित हो रही हैं। कोरोना के मामलों में लगातार इजाफा होने के कारण उत्तराखंड बोर्ड और सीबीएसई की परीक्षाएं स्थगित हो चुकी हैं। वहीं नेशनल टेस्ट एजेंसी ने जेईई मेंस और यूजीसी नेट जेआरएफ की परीक्षा भी स्थगित कर दी हैं। वहीं विभागीय भर्ती प्रक्रिया के स्थगित होने से सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के सपने चकनाचूर हो रहे हैं।
उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की परीक्षाएं लगातार स्थगित हो रही हैं जिससे युवाओं की उम्मीद खत्म होती दिखाई दे रही है। कई सालों से सरकारी नौकरी की तैयारी करते हुए युवाओं के ऊपर यह महामारी संकट के बादलों की तरह छा गई है। यह तो हम सब जानते ही हैं कि वर्तमान समय में रोजगार कितना आवश्यक है मगर प्रदेश में बेरोजगारी दर तेजी से बढ़ रही है जो कि चिंताजनक है। प्रदेश में लगभग सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं को स्थागित कर दिया है जिससे प्रदेश के युवा खासे चिंतित व परेशान हैं। आपको बता दें कि उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड समेत अन्य विभागों में 1500 से ज्यादा खाली पदों की भर्तियां जारी हुई थीं और अप्रैल से जुलाई महीने के बीच में इन पदों की परीक्षा होना तय किया गया था। मगर कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच में इन परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। वहीं एलटी शिक्षकों के पदों पर परीक्षा होनी थी पर इस परीक्षा को भी बीते दिनों टाल दिया गया है। एलटी पदों के लिए 50,000 से भी अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था जिनके सपने इस कोरोनकाल में चकनाचूर हो गए।
सरकारी नौकरी प्राप्त करने का अवसर युवाओं को आपने हाथों से जाता हुआ दिखाई दे रहा है। आपको को बता दें कि अन्य विभागों के लिए भी प्रस्तावित परीक्षाएं देने के इंतजार में करीब लाखों युवा तैयारी कर रहे हैं लेकिन उनकी उम्मीदों पर भी कोरोना ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है। युवा चिंतित इस बात से हैं कि जिनका पिछले साल उम्र के लिहाज से परीक्षा देने का आखरी मौका था उनके हाथ से वह मौका चला गया था और अब इस साल भी वहीं हो रहा है। बीते वर्ष से नौकरी के लिए मेहनत कर रहे युवाओं के लिए मौके खत्म होते जा रहे हैं। परीक्षा देने की आयु समाप्त होने के बाद वे अभ्यर्थी दोबारा परीक्षाओं में नहीं बैठ पाएंगे और यह महामारी परीक्षा में बैठने का उनका अंतिम मौका भी छीन रही है। कुल मिलाकर उत्तराखंड में सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों की उम्र और धैर्य दोनों जवाब दे रहे हैं और परीक्षाओं के ना होने से उनकी तैयारी पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा।

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