देहरादून
लापरवाही: राजनेताओं के लिए दो गज की दूरी मास्क नहीं है जरूरी, नियमों की उड़ाई धज्जियां
ऋषिकेश। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा पर राज्य सरकार ने किसी भी तरह के सामूहिक धार्मिक आयोजन पर पाबंदी लगा दी है, लेकिन शायद सरकारी और राजनीतिक जलसों में इस तरह के प्रतिबंध को सरकार जरूरी नहीं समझती है। इसकी तस्दीक शुक्रवार को मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम में आयोजित कार्यक्रम से होती है।
मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में शुक्रवार को जानकी सेतु के उद्घाटन को लेकर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें काफी तादाद में बीजेपी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग पहुंचे। हैरानी की बात यह है कि इन दोनों ही कार्यक्रम में सीएम मौजूदगी में ही कोरोना से बचाव को लेकर ‘2 गज की दूरी है जरूरी’ नारे की सरेआम धज्जियां उड़ती नजर आई। सिर्फ कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि माननीय तक 2 गज की दूरी का उल्लंघन करते देखे।
भीड़भाड़ और भारी भरकम ड्रेस के चलते एक महिला पुलिसकर्मी कार्यक्रम में बेहोश तक हो गई। वहीं, सीएम की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में 2 गज की दूरी की धज्जियां उड़ने पर अब लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर उन्हें लोक आस्था के पर्व छठ पूजा को गंगा तट पर धार्मिक आयोजन से क्यों रोके गया, जबकि, खुद सूबे के निजाम ही इस महामारी में कोरोना से बचाव के नियम का पालन न तो कर रहे हैं और न ही करवा रहे हैं। जब इस पर मीडियाकर्मियों ने मुख्यमंत्री से सवाल किया तो वह बिना जवाब दिए ही चले गए।
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