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Uttarakhand News: प्रदेश का हर थाना होगा महिला फ्रेंडली, भर्ती परीक्षाओं के लिए होगी ये व्यवस्था, पढ़ें अपडेट…

उत्तराखंड पुलिस लगातार प्रदेश में बढ़ रहे अपराध को रोकने के लिए बड़े  कदम उठा रही है। इसी कड़ी में आज डीजीपी अशोक कुमार ने परिक्षेत्र एवं जनपद प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने हर थाने को महिला फ्रेंडली बनाने और भर्ती परिक्षाओं को लेकर कई बड़े निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि प्रदेश के  हर थाने में महिला SI और चार महिला आरक्षी तैनात होंगी। महिला SI थाने/चौकी प्रभारी की भी जिम्मेदारी होगी।

परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था

मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग एवं उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा अयोजित होने वाली आगामी परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद रखने और स्थानीय अभिसूचना तंत्र को सर्तक रखते हुये सूचना संकलित करने के निर्देश दिए गए  है।

गौरा शक्ति मॉड्यूल में रजिस्ट्रेशन

इसके साथ ही कहा गया कि महिला सुरक्षा के दृष्टिगत गौरा शक्ति मॉड्यूल में रजिस्ट्रेशन को बढ़ाया जाए। रजिस्टर्ड महिलाओं के साथ समन्वय कर उनकी शिकायत के समाधान करते हुए उन्हें सुरक्षित महसूस कराया जाए। दोनों परिक्षेत्र प्रभारी प्रदेश के प्रत्येक थाने में एक महिला उपनिरीक्षक एवं 04 महिला आरक्षियों की नियुक्ति सुनिश्चित करें।  प्रत्येक जनपद में एक महिला उपनिरीक्षक को थानाध्यक्ष/चौकी प्रभारी बनाएं।

दक्ष कर्मियों की नियुक्ति

वर्तमान में राजस्व क्षेत्र से नियमित पुलिस क्षेत्र में आए ग्रामों में सम्बन्धित थानाध्यक्ष एवं क्षेत्राधिकारी भ्रमण पर जाएं और ग्रामीणों के साथ सम्बन्धित थाने एवं अन्य महत्वपूर्ण फोन नम्बर साझा करें। जिन स्थानों पर नए थाने/चौकी खुलने हैं वहां शीघ्र खोले जाएं। बताया जा रहा हैकि जनपदों को साइबर सेलों को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु एसटीएफ द्वारा शीघ्र ही दक्ष कर्मियों की नियुक्ति की जा रही है।

जवान अपने साथ चारपाइयां लेकर नहीं जाएंगे

पीएसी/आईआरबी की ऑपरेशनल कार्यदक्षता बढ़ाने हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्गत निर्देशों का अनुपालन करें। मासिक क्राइम मीटिंग में पीएसी के दलनायक को भी बुलाएं। मानदंड के अनुसार ही ड्यूटी लगायी जाए। नफरी के अनुसार प्लाटून कमांडर और दलनायक साथ जाएं। पीएसी जवानों के मूवमेंट के दौरान जनपदों में उनके लिए चारपाइयों की व्यवस्था सम्बन्धित प्रतिसार निरीक्षकों द्वारा की जाएगी। जवान अपने साथ चारपाइयां लेकर नहीं जाएंगे।

निलंबन और बहाली को लेकर दिए ये निर्देश

कानून व्यवस्था प्रभावित होने वाली घटनाओं एवं जन आक्रोश के दृष्टिगत पुलिसकर्मियों को तत्कालिक परिस्थितियों के चलते बिना जांच के निलम्बित या लाइन हाजिर करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में 03 दिवस के अन्दर उक्त कर्मिक का पक्ष सुनते हुए गुण दोष के आधार पर यदि दोष सिद्ध नहीं होता है, तो उसे तत्काल बहाल या दूसरे स्थान पर नियुक्त कर दिया जाए।

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