उत्तराखंड
घनसाली: पिछले विधायक ने दिया जनता को धोखा, इस बार विकास पुरुष धनिलाल का मौका…
टिहरीः उत्तराखंड की घनसाली विधानसभा सीट सबसे हॉट सीट बन चुकी है। यहां इस बार सबसे निर्धन प्रत्याशी धनी लाल शाह घनसाली सीट पर छाए हुए है। जहां एक ओर नेताओं पर पैसे और शराब बांटने के आरोप लग रहे है वहीं घनसाली के कांग्रेस प्रत्याशी धनी लाल शाह का साफ कहना है कि उनके पास न तो बांटने के लिए पैसा और न ही शराब। वह घनसाली को बुनियादी सुविधाओं को दिलाने के लिए चुनाव लड़ रहे है और लोगों से यहीं अपील करते है कि अपनी बीमार विधानसभा को स्वस्थ करने और विकास के लिए उनका साथ दें। वह जिस तरह आज तक घनसाली के विकास और सुविधाओं के लिए आवाज उठाते रहें है। विधायक बन क्षेत्र का विकास करेंगे। भावुक और निर्धन धनी ने यहां तक कह दिया है कि वह अपना सब कुछ हार चुके है अब जनता के हाथ में फैसला है।
बता दें कि घनसाली विधानसभा क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को लेकर घनसाली तहसील पर पूर्व प्रमुख धनी लाल शाह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे दिखते है तो कभी जनता से भावुक अपील करते है जिसका असर भी दिख रहा है। उन्हें जनता का समर्थन भी मिल रहा है। धनी लाल शाह ने भीख के रूप में वोट मांगे है। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से कहा कि मुझे आपसे पूरी उम्मीद है कि इस बार आप मुझे विधानसभा जरूर पहुचाएंगे। क्योंकि उनके पास देने को कुछ नहीं। न शराब न पैसा। उन्होंने कहा कि कि इस बार मुझे वोट देकर विधानसभा भेजें या 11 मार्च को मेरी अर्थी पर आकर एक लकड़ी डाल दें। उन्होंने कहा कि जिस तरह वह कोरोना काल में बीमार रहें वैसे ही घनसाली भी बीमार है। विकास के दृष्टिकोण से यह इलाका अभी तक पिछड़ा हुआ है। कई जगहों पर न तो सड़क का निर्माण हो पाया है और न ही मोबाइल नेटवर्क पहुंच पाया है। ऐसे में इन मुद्दों को धनीलाल शाह ने अपना हथियार बनाया है। उन्होंने कहा कि मुझे एक बार सेवा का मौका दें, घनसाली विधानसभा क्षेत्र में महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक, केंद्रीय विद्यालय, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि पर बड़े काम किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों से रुके घनसाली के विकास कामों को तेज गति से घनसाली में विकास की नई इबारत लिखेंगे।
गौरतलब है कि धनीलाल शाह पहले चार बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें एक बार भी जीत नहीं मिली है। वह दो बार बसपा के टिकट पर, एक बार निर्दलीय और एक बार कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। पिछले चुनाव में वे घनसाली सीट से भाजपा के शक्ति लाल शाह से चुनाव हार गए थे। 2017 के चुनाव में धनीलाल शाह को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 10450 और शक्ति लाल शाह को 22103 वोट मिला था। हालांकि 2012 के विधानसभा चुनाव में भी यह सीट भाजपा के खाते में गई थी। शाह 2012 के विधानसभा चुनाव में घनसाली सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी भी रह चुके हैं। 2017 के चुनाव में शाह घनसाली सीट पर कांग्रेस के बागी के तौर पर उतरे थे और इस वजह से कांग्रेस के प्रत्याशी भीमलाल आर्य को नुकसान उठाना पड़ा था। वहां से भाजपा के शक्तिलाल शाह जीत गए थे। शाह के साथ लोग जुड़ रहे हैं। पांच सालों में सबने देख लिया है कि भाजपा किस तरह इस देश की व्यवस्था को चलाना चाहती है। इसलिए इस बार जनता उनपर भरोसा दिखा रही है।

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