उत्तराखंड
हरियाणा पुरुष और ओडिशा महिला टीम ने रग्बी सेवेंस में राष्ट्रीय खेल का स्वर्ण हैट्रिक किया पूरा
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के गंगा एथलेटिक्स स्टेडियम में आज हरियाणा पुरुष और ओडिशा महिला रग्बी सेवेंस टीमों ने राष्ट्रीय खेल में लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर ऐतिहासिक हैट्रिक पूरी की। हरियाणा ने पुरुषों के फाइनल में महाराष्ट्र को 22-7 से हराया, जबकि ओडिशा की महिला टीम ने बिहार को 29-5 से पराजित किया।
चैंपियन का आत्मविश्वास लिए मैदान में उतरी हरियाणा पुरुष टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। महाराष्ट्र ने मुकाबले में संघर्ष दिखाते हुए स्कोर 7-7 से बराबर किया, लेकिन इसके बाद हरियाणा ने अपने खेल का स्तर बढ़ाते हुए लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय खेल के फाइनल में महाराष्ट्र को हराया।
ओडिशा की महिला टीम ने अपने फाइनल मुकाबले में सबसे प्रभावी प्रदर्शन किया और 2022 में अहमदाबाद में महाराष्ट्र के खिलाफ 22-0 से मिली जीत से भी बड़ा स्कोर बनाया। बिहार, जिसने गोवा में हुए पिछले संस्करण में ओडिशा को 12-7 तक सीमित रखा था, इस बार मुकाबले में देर तक प्रभाव नहीं छोड़ सका।
सेमीफाइनल में महाराष्ट्र से हारने के बाद ओडिशा की पुरुष टीम कांस्य पदक के प्ले-ऑफ में पश्चिम बंगाल के खिलाफ धीमी शुरुआत कर 0-10 से पिछड़ गई थी। लेकिन इसके बाद उसने शानदार वापसी करते हुए 26-10 की बढ़त बना ली और पश्चिम बंगाल को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
महिलाओं के कांस्य पदक मुकाबले में दिल्ली ने शुरुआती मिनट में एक ट्राई गंवाने के बाद लंबे समय तक महाराष्ट्र को टक्कर दी। पहले हाफ के अंत और दूसरे हाफ की शुरुआत में दिल्ली ने बढ़त बनाने की कोशिश की, लेकिन अंतिम तीन मिनटों में महाराष्ट्र ने खेल को पलटते हुए 17-10 से जीत दर्ज की और कांस्य पदक अपने नाम किया।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 उत्तराखंड टुडे के वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें
👉 उत्तराखंड टुडे के फेसबुक पेज़ को लाइक करें
Latest News -
डीएम सविन बंसल की कार्यशैली को जनसमर्थन, लापरवाही पर कार्रवाई, जनता का भरोसा मजबूत…
उत्तराखंड: धामी सरकार के नाम एक और कीर्तिमान उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या ने तोड़ा रिकॉर्ड…
होटल में निवेश के नाम पर 2 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज…
मुख्यमंत्री ने 1035 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, शिक्षा के स्तर को नई मजबूती…
परिस्थितियों से वीरान बचपन को मिली नई उड़ान, सड़क से स्कूल तक पहुँची दो बेटियाँ
















Subscribe Our channel