उत्तराखंड
विडंबना: उत्तराखंड में 72 आईटीआई पर लटके ताले, इसलिए नहीं हो पाए संचालित, जानिए वजह…
देहरादूनः उत्तराखंड में निष्क्रिय चल रही 72 आईटीआई बंद हो गई है। राज्य सरकार की अनदेखी के कारण 72 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था ( आईटीआई ) पर ताले लटक चुके हैं । सिस्टम की बेरुखी और संसाधनों के अभाव में यह संचालित नहीं हो पाए । अब केंद्र से मान्यता प्राप्त मात्र 93 कॉलेज ही संचालित हो रहे हैं । बंद आईटीआई का सामान दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट किए जाने लगा है ।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार प्रदेश में दो माध्यमों में आईटीआई संचालित होते हैं । इसने केंद्र से मान्यता प्राप्त एनसीवीटी और राज्य सरकार द्वारा एससीवीटी मोड में कॉलेज संचालित होते हैं । उत्तराखंड में कुल 165 आईटीआई है , जिनमें 93 को केंद्र की मान्यता है । 72 को राज्य सरकार अपने स्तर पर चलाती है । लेकिन भवन, वर्कशॉप, उपकरण, फैकल्टी समेत अन्य सुविधाएं नहीं होने की वजह से ये आईटीआई बंदी की कगार पर पहुंच गए । संसाधन और उचित ट्रेड न होने से इनमें विद्यार्थियों की संख्या घटती गई । ऐसे में सरकार की मान्यता वाले 57 संस्थान संचालन के कुछ सालों में बंद हो गए । वहीं , 14 आईटीआई खुलने के बाद छात्रों के दाखिले न होने से बंद करने पड़े ।
आपको बता दें कि बंद हुए आईटीआई में टिहरी गढ़वाल जिले के 19 आईटीआई में से 10 आईटीआई बंद हो गए है लंबे समय से टिहरी के इन ITI संस्थानों में सुविधाओं को विकसित करने की मांग की जा रही थी, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदन नहीं उठाए जाने के चलते आज इसके बंद होने की नौबत आ गई। प्रदेश में ITI में छात्र संख्या लगातार गिर रही है, जबकि राजनीतिक दबाव के चलते ITI की संख्या जरूरत से ज्यादा हो गई है। कुछ ITI तो ऐसे हैं, जिनके भवन निर्माण होने के बाद भी कभी संचालित नहीं पाई।

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