नैनीताल
Big Breaking: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अलग-अलग मामलों में तीन विधायकों को भेजा नोटिस, जानें मामला…
नैनीतालः उत्तराखंड में चुनाव भले ही खत्म हो गए है। लेकिन चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर है। अलग-अलग याचिकों पर हाईकोर्ट ने आज सुनवाई की है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने खानपुर से निर्दलीय विधायक चुने गए उमेश कुमार, मंगलौर सीट से बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी, और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व ऋषिकेश से वर्तमान विधायक प्रेमचंद अग्रवाल को नोटिस भेज जवाब मांगा। ये नोटिस तीनों ही विधायकों को अलग अलग मामले में भेजें गए है।
उमेश कुमार पर लगे गंभीर आरोप, कोर्ट का नोटिस
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार खानपुर से निर्दलीय विधायक चुने गए उमेश कुमार के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। लक्सर निवासी वीरेंद्र कुमार ने खानपुर के विधायक उमेश कुमार के नामांकन में दिए गए शपथ पत्र में कई तथ्य छिपाने का आरोप लगाया है। याचिका में उमेश कुमार के खिलाफ विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन 29 आपराधिक मामलों की सूची देते हुए कहा है कि उमेश कुमार ने केवल 16 मामलों की सूची ही शपथ पत्र के साथ निर्वाचन अधिकारी के समक्ष पेश की है। जबकि मुख्य अपराधों को छिपाया गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि उनके द्वारा वोटरों को प्रभावित करने के लिए पुलिस के साथ मिलकर रुपये बांटे गए। इसलिए उनके चुनाव को निरस्त किया जाए। मामले को सुनने के बाद न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ ने उमेश कुमार को नोटिस जारी करते हुए 4 सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी।
विधायक सरवत करीम अंसारी को कोर्ट का नोटिस
वहीं मंगलौर से कांग्रेस के हारे हुए प्रत्याशी काजी मोहम्मद निजामुद्दीन ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर कहा है कि वर्तमान विधायक सरवत करीम अंसारी द्वारा विधानसभा 2022 के चुनाव में नामांकन के दौरान जो शपथ पत्र पेश किया गया, उसमें उन्होंने कई तथ्य छिपाने के साथ ही अपनी संपत्तियों का सही ब्यौरा पेश नहीं किया। उन्होंने शपथ पत्र में अपनी व अपनी पत्नी की आय गलत पेश की। इनकम टैक्स का सही विवरण नहीं दिया है। शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी गलत पेश किए हैं। इसलिए उनके चुनाव को निरस्त किया जाए। मामले में न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ ने सुनवाई कर विधायक सरवत करीम अंसारी सहित हारे हुए प्रत्याशी दिनेश सिंह पंवार, नवनीत कुमार, काजी मोहम्मद मोनिस, सरत पांडे, वीरेंद्र सिंह, अनिक अमहद, उबेदुर रहमान, राजवीर सिंह, सतीश कुमार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 7 जून को होगी।
विधायक प्रेमचंद अग्रवाल से कोर्ट ने मांगा जवाब
तीसरा मामला पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व ऋषिकेश से वर्तमान विधायक प्रेमचंद अग्रवाल से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने अग्रवाल द्वारा चुनाव प्रक्रिया के दौरान विवेकाधीन राहत कोष से फंड निकालकर डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से लोगों को बांटे जाने के खिलाफ दायर चुनाव याचिका पर सुनवाई की। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, जिला अधिकारी देहरादून, एसडीएम (रिटर्निंग ऑफिसर ऋषिकेश), चीफ इलेक्शन कमीशन उत्तराखंड सहित हारे हुए प्रत्याशी अनूप सिंह राणा, कदम सिंह बालियान, कनक धनाई, जगजीत सिंह, बबली देवी, मोहन सिंह, राजे सिंह नेगी, संजय श्रीवास्तव, उषा रावत व संदीप बस्नेत को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने को कहा है। साथ में कोर्ट ने चुनाव आयोग भारत सरकार से भी जवाब पेश करने को कहा है।

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