पौड़ी गढ़वाल
कहर: गुरुजनों पर छाए कोरोना के बदरा, 80 शिक्षक वायरस की चपेट में, स्कूल बंद
पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड शिक्षा विभाग की रीढ़ गुरुजनों पर भी कोरोना के बादल छा गए हैं, ऐसे में पौड़ी जनपद में अलग अलग स्कूलों के लगभग 80 गुरु जी वायरस की चपेट में आ गए हैं। जिसके चलते स्कूल पांच दिन के लिए बंद कर दिए गए हैं।
गुरुवार के हेल्थ बुलेटिन में पौड़ी जिले के अलग अलग ब्लॉक के लगभग 80 शिक्षक,शिक्षिकाएं कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिससे जनपद और शिक्षा विभाग में हड़कम्प मच गया है। वहीं 84 विद्यालयों को पांच दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि विभाग के आदेश पर संक्रमित गुरुजनों ने स्कूल खुलने से पूर्व कोरोना टेस्ट करवाया था।
वहीं एक कार्मिक के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद शिक्षा परिसर पौड़ी में अपर निदेशक बेसिक के कार्यालय को भी तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी गढ़वाल एम.एस. रावत द्वारा जारी एक पत्र में पौड़ी, कोट, खिर्सू एवं पाबौ ब्लाक के अंतर्गत करीब 70 से 80 शिक्षकों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि की गई है। उन्होंने बताया कि विद्यालयो और कार्यलयों को सैनिटाइजेशन किया जाएगा।
साथ ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए सभी शिक्षकों को केवल कोविड सेंटरों में ही आइसोलेट करने के लिए कहा गया है।
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कारवाई: सरकारी आदेशों की हीलाहवाली, दो महिला IAS पर पड़ी भारी,जिम्मेदारियों में हुवा बदलाव
देहरादून। सरकारी फरमानों पर लापरवाही बरतना दो महिला आईएएस अधिकारियों पर भारी पड़ गया है। आलम यह है कि दोनों अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल कर दिया गया है। जिसमें रुद्रप्रयाग की डीएम वंदना सिंह को शासन में अपर मुख्य सचिव कार्मिक के कार्यालय से अटैच कर दिया गया है।
जबकि अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार से औद्योगिक विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग, राजकीय मुद्रणालय रुड़की एवं मुख्य कार्यकारी निदेशक खादी ग्रामोद्योग विभाग के दायित्व छिन्न गए हैं लिए गए हैं।
दो महिला IAS ऑफिसर के अचानक से हुए जिम्मेदारी में बदलाव से चर्चाओं का बाजार भी गरम हो गया है। चर्चा हो रही है कि सूबे के मुखिया की नाराजगी के कारण यह कदम उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक बुलाई थी। जिसमे सभी अधिकारियों को शामिल होने की सूचना दे दी गई थी। जिले के हाकिमों को इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शामिल होना था।
बैठक में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग वंदना सिंह तय समय पर उपस्थित नहीं हुईं। उधर, IAS अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार से भी दायित्व वापस लिए जाने के पीछे का कारण कुछ समय पहले उन्हें एक विभाग के अधिकारी का तबादला करने को कहा गया था।
उन्होंने यह तबादला तो किया, लेकिन हीलाहवाली के बाद का बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि अधिकारियों को कड़ा संदेश देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर शासन ने यह कदम उठाया।
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