उत्तराखंड
चमोली में बारिश का तांडव, मोपाटा गांव में मलबे में दबने से पति-पत्नी की मौत, बूढ़ाकेदार में भारी तबाही
बूढ़ा केदार और गेंवाली में भारी बारिश और बादल फटने से भारी नुकसान की खबर है वहीं चमोली जिले में भी बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। देर रात हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने इलाके में भारी तबाही मचाई है। बूढ़ाकेदार क्षेत्र में एक निर्माण और घर का आंगन क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि आपदा में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। बालगंगा, धर्मगंगा और भिलंगना नदियां उफान पर हैं बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड का विकराल रूप देखकर स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
चमोली के देवाल विकासखंड के दूरस्थ गांव मोपाटा में भूस्खलन से आए मलबे में पति-पत्नी दब गए, दंपति के शव को प्रशासन ने बरामद कर लिया है जबकि दो लोग भूस्खलन की चपेट में आने से घायल हो गए घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल लाया गया, जहां घायलों का इलाज चल रहा है। जिले में जगह जगह पर सड़कें पूरी तरह बाधित हो गई हैं जिन्हें खोलने के प्रयास किये जा रहे हैं।
घनसाली के गेंवाली में देर रात बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है मलबे की चपेट में आकर कई छानियां और मंदिर दब गए हैं साथ ही कई मवेशियों के बहने की आशंका जताई जा रही है आलू के कई खेत भी मलबे में पूरी तरह से दब गए हैं। जिला प्रशासन की टीमें मौके पर रवाना की गई हैं बताया जा रहा है कि सड़क पूरी तरह टूटने से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
रुद्रप्रयाग में तालजामण क्षेत्र में 4 से 5 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई। सौभाग्यवश इन मकानों में प्राकृतिक आपदा में कोई जनहानि नहीं हुई, घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने बिना देर किए प्रभावित परिवारों को नजदीकी प्राथमिक विद्यालय में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। वहां रहने और खाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही पशुओं के लिए भी चारे की व्यवस्था की जा रही है, प्रभावितों की हरसंभव सहायता के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों सहित क्षेत्रीय पटवारियों की तैनाती की गई है।
छेनागाढ़ में भी त्वरित रेस्क्यू अभियान शुरू
छेनागाढ़ क्षेत्र में 8 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने सूचना मिलते ही त्वरित निर्णय लेते हुए आपदा प्रबंधन की टीमें, एसडीआरएफ , डीडीआरएफ और स्थानीय प्रशासनिक बलों को मौके पर भेज दिया है। रेस्क्यू अभियान पूरी मुस्तैदी से चलाया जा रहा है। देहरादून से रुद्रप्रयाग बसुकेदार छेनागाड़ जाने वाली विश्वनाथ सेवा की बस भी देर रात भारी बारिश के कारण आये मलबे की चपेट में आ गयी है।
इसी प्रकार, जखोली क्षेत्र में एक महिला के हताहत होने की सूचना प्राप्त होते ही क्षेत्र में राहत और बचाव दल को तत्काल रवाना कर दिया गया है।

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