उत्तराखंड
हादसा: पहली बारिश भी नहीं झेल पाई करोड़ो की लागत से बनी ऑलवेदर रोड, जगह जगह से धंसी…
टिहरी: उत्तराखंड में ऑलवेदर रोड के कई हिस्से बनने के साथ ही दरक रहे हैं। तो कहीं चट्टानों का सही ढंग से कटान न किए जाने के कारण वह बारिशों में भूस्खलन के रूप में सड़क पर आ जा रहे हैं। इस बीच बड़ी खबर टिहरी से आ रही हैं। यहां शनिवार रात को हुई भारी बारिश के चलते ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-94 कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। करोड़ो की ये योजना एक बारिश भी नहीं झेल पा रहीं हैं। ऋषिकेश और चंबा के बीच फकोट के पास कई जगहों पर सड़क टूट गई है। ये तो गनीमत रही कि हादसे के समय सड़क पर कोई वाहन नही था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सड़क धंसने के साथ ही अब परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
बता दें कि केंद्र सरकार की धार्मिक पर्यटन और सामरिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण चारधाम प्रोजेक्ट ऑलवेदर रोड अपने उद्देश्यों को फिलहाल पूरा नहीं कर पा रही है। केंद्र की ओर से इसे किसी भी कीमत पर जल्द से जल्द पूरा किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन जल्दबाजी में किए जा रहे यही प्रयास, अब परियोजना ही नहीं लोगों के लिए भी मुसीबत का कारण बनते जा रहे हैं। ऑलवेदर रोड के जगह जगह से दरकने की खबरे संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही हैं। टिहरी में भी अब ऑल वेदर रोड का हिस्सा धंस गया। सड़क पहली बरसात भी नहीं झेल पाई।
मामले में ग्रामीणों का कहना है कि ऑल वेदर रोड का काम करने वाली भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी ने घटिया तरीके से सड़क निर्माण का काम किया है, जिस कारण आए दिन जगह-जगह सड़क टूट रही है। कंपनी सिर्फ सरकारी पैसे को ठिकाने लगाने में लगी है, सड़क निर्माण में घटियां क्वालिटी का समान प्रयोग किया गया है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण करने वाली कम्पनी की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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