उत्तराखंड
Good News:देवभूमि में केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में बनने जा रहा है दुनिया का सबसे बड़ा रोपवे, जानिए खासियत…
देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई है इसके साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू हो गई है। इस बीच बड़ी खबर आ रही है। सरकार में आचार संहिता लगने से ठीक पहले हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर रोपवे और और केदारनाथ-सोनप्रयाग के बीच रोपवे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। केंद्र ने दोनों रोपवे परियोजना के लिए 1800 करोड़ रुपये की निविदा या बोली आमंत्रित की है। इस परियोजना में टेंडर जारी करने की जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपने ट्विटर हैंडल से दी गई।
बता दें कि हिन्दुओं के लिए केदारनाथ धाम का जिस तरह से विशेष महत्व है, उसी तरह से सिखों के लिए हेमकुंड साहिब विशेष महत्व रखता है. वर्तमान में गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक श्रद्धालुओं को 16 किलोमीटर का पैदल सफर करना होता है, जिसमें पूरा दिन लग जाता है, लेकिन सोनप्रयाग से केदारनाथ तक रोप-वे बनने से यह सफर सिर्फ एक घंटे में तय हो जाएगा। भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 7 जनवरी के सोनप्रयाग से केदारनाथ तक और गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक केबल कार रोपवे के निर्माण, संचालन और रख-रखाव के लिए निजी क्षेत्रों से आवेदन आमंत्रित किया है।
सोनप्रयाग से केदारनाथ वाया गौड़ीकुंड से रोपवे बनेगा जबकि हेमकुंड-केदारनाथ के लिए वाया घांघरिया से रोप वे की लाइन होगी। 13 किलोमीटर लंबी केदारनाथ-सोनप्रयाग रोपवे की परियोजना लागत 985 करोड़ रुपये है जबकि 12.6 किलोमीटर लंबी गोविंद घाट से हेमकुंड रोपवे परियोजना की लागत 764 करोड़ रुपये है। उत्तराखंड में सिख समुदाय के धार्मिक स्थल हेमकुंड साहिब की यात्रा सुगम-सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से रोपवे परियोजना निर्माण कार्य होना है।

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