उत्तराखंड
चुनाव अपडेटः उत्तराखंड के ये है 18 दलबदलू नेता, जिन्हें दूसरी पार्टी में जाते ही मिल गया टिकट…
देहरादूनः उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2022 से पहले दलबदल की राजनीति चरम पर है। वरिष्ठ नेता भी दल बदलने से गुरेज नहीं कर रहे है। आज हम आपको उन नेताओं के बारे में बता रहे है जिन्होंने हाल ही में दूसरी पार्टी का दामन थामा और चुनाव का टिकट पा लिया। इन दल बदलू नेताओं को टिकट देने में कोई भी पार्टी पीछे नहीं रही। कांग्रेस इसमें सबसे आगे रही। कांग्रेस ने BJP के 6 नेताओं को टिकट दिए तो बीजेपी और बीएसपी ने चार, तो वहीं AAP ने तीन तो AIMIM ने एक दलबदलु नेता को टिकट दिए है। सरिता आर्या ,संजीव आर्या,नारायण पाल, दीपक बिजल्वाण, मालचंद ,ओमगोपाल रावत, धन सिंह नेगी ,दुर्गेश्वर लाल , राजपाल सिंह, किशोर उपाध्याय सहित कई नेताओं के नाम दलबदलु नेताओं में शामिल है।
बता दें कि पिछले चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके राजपाल इस बार बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी ने झबरेड़ा से अपने सिटिंग विधायक देशराज कर्णवाल का टिकट काटकर राजपाल को उम्मीदवार घोषित कर दिया। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे किशोर ने अपनी अनदेखी के चलते बीजेपी का रास्ता दिखाया। कुछ दिन पहले किशोर को कांग्रेस ने अपने सभी पदों से हटा दिया था। गुरुवार को ही किशोर ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थामा और बीजेपी ने उन्हें टिहरी सीट से अपना प्रत्याशी बना दिया। तो वहीं 2017 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए यशपाल आर्या सरकार में पांच साल मंत्री रहने के बाद 2022 विधानसभा चुनावों से पहले पलटी मार गए और कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस ने भी यशपाल को उनकी पुरानी सीट बाजपुर से टिकट थमाने में देरी नहीं की। वहीं सुनीता टम्टा बाजवा कांग्रेस के टिकट की उम्मीद लगाए बैठी थीं, लेकिन यशपाल आर्या की वापसी के बाद सुनीता आम आदमी पार्टी में शामिल हो गईं और आप ने उन्हें बाजपुर से उम्मीदवार भी बनाया।
पूर्व विधायक रहे ओमगोपाल रावत बोल्ड नेता माने जाते हैं। 2017 में सुबोध उनियाल के बीजेपी में शामिल होने के बाद ओमगोपाल को नरेंद्र नगर से बीजेपी ने टिकट नहीं दिया था। 2022 में भी उनियाल को ही बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया तो नाराज़ रावत ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस ने उन्हें नरेंद्र नगर से उम्मीदवार भी बना डाला। यहां रावत पूर्व कांग्रेसी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। पूर्व विधायक टिकट बीजेपी से मिलता न देख कांग्रेस में शामिल हो गए तो कांग्रेस ने मालचंद को पुरोला से उम्मीदवार भी बना डाला। अब पुरोला में मालचंद का मुकाबला बीजेपी के टिकट पर लड़ रहे दुर्गेश्वर लाल से होगा। अपने पिता यशपाल आर्या के साथ साल 2017 में बीजेपी में शामिल हुए संजीव नैनीताल से बीजेपी के विधायक रहे संजीव को सिटिंग विधायक देख कांग्रेस ने भी उन्हें नैनीताल से अपना प्रत्याशी बनाने में देर नहीं की।
पूर्व विधायक और लंबे समय तक कांग्रेस में रहे पाल ने एक बार फिर बीएसपी में वापसी की। नारायण पाल बीएसपी के टिकट पर ही कभी विधायक बने थे। सितारगंज से कांग्रेस ने नवतेजपाल और बीजेपी ने सौरभ बहुगुणा को उम्मीदवार बनाया तो पाल ने कांग्रेस छोड़कर बीएसपी का टिकट पाया।

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