दुनिया
Tokyo Olympics: ओलंपिक में चानू के पदक जीतने पर झूमा देश, राष्ट्रपति-पीएम समेत कई हस्तियों ने दी बधाई…
आज ऐसा मौका पहली बार हुआ है जब ओलंपिक खेलों के महाकुंभ ओलंपिक में भारत को पहले दिन ही पदक मिला हो। भारत की बेटी मीराबाई चानू ने जापान के टोक्यो ओलंपिक में शानदार शुरुआत करते हुए रजत पदक हासिल कर लिया। जैसे ही इसकी खबर लगी पूरा देश झूम उठा और अपनी बेटी पर गर्व करने लगा। मीराबाई के गृह राज्य मणिपुर में लोग खुशी मना रहे हैं। राजधानी इंफाल की सड़कों पर सैकड़ों लोगों ने जश्न मनाया। राजनीति और तमाम बड़ी हस्तियों ने मीराबाई चानू के शानदार खेल पर बधाई दी है। टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने जीत का परचम लहराया है। उन्होंने 49 किग्रा में रजत पदक हासिल किया है।
उनकी इस कामयाबी को देशभर में सेलिब्रेट किया जा रहा है। मीराबाई चानू की शानदार खेल की बदौलत देश को वेटलिफ्टिंग में 21 साल बाद ओलिंपिक मेडल मिला है। स्नैच के बाद मीराबाई चानू दूसरे नंबर पर थीं। इसके बाद क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में मीराबाई चानू 110 किग्रा उठाने में कामयाब रहीं। दूसरे प्रयास में मीराबाई चानू 115 किग्रा वजन उठाने में कामयाब रही थीं। हालांकि वह तीसरे प्रयास में नाकाम रहीं और रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।
इससे पहले 2000 सिडनी ओलिंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी ने ब्रॉन्ज जीता था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद,पीएम मोदी व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर,समेत तमाम दिग्गजों ने उन्हें बधाई दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘इससे सुखद शुरुआत नहीं हो सकती। मीराबाई चानू के शानदार प्रदर्शन से भारत उत्साहित है । किरण रिजिजू ने लिखा है, टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत को पहला मेडल हासिल हुआ है, मीराबाई चानू ने 49 किलोग्राम महिला वर्ग में सिल्वर मेडल जीता है और भारत को भारत को गौरवान्वित महसूस कराया है। सीएम योगी ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘आज फिर भारत की मातृशक्ति ने वैश्विक पटल पर मां भारती को गौरवभूषित किया है’। कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने भी मीराबाई चानू को शुभकामनाएं दी हैं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी चानू को बधाई दी है।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ने बार फिर देश का नाम रोशन किया है । पूरे देश को मीराबाई चानू की इस उपलब्धि पर गर्व है । उनकी यह सफलता अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरणा देगी। बता दें कि मीराबाई भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय हैं। सीएम नीतीश कुमार ने भी मीराबाई चानू को बधाई दी है, उन्होंने कहा कि मीराबाई चानू ने ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीतकर भारोत्तोलन के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिस पर हर भारतीय गौरवान्वित है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने लिखा है, ओलंपिक की शुरुआत के पहले दिन ही भारत की शानदार शुरुआत। मीराबाई चानू को दिल से बधाई, उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत पहला सिल्वर मेडल हासिल किया।
इस बार ओलंपिक में अपने दृढ़ इरादों के साथ मीराबाई चानू ने मारी बाजी–
यहां हम आपको बता दें कि मीराबाई साल 2016 रियो ओलिंपिक में अपने एक भी प्रयास में सही तरीके से वेट नहीं उठा पाई थीं। उनकी हर कोशिश को डिस-क्वालिफाई कर दिया गया था। इसके बाद मीराबाई चानू बहुत निराश हो गई थी। इस हार ने उन्हें झकझोर दिया गया था। एक वक्त तो उन्होंने वेटलिफ्टिंग को अलविदा कहने का मन बना लिया था। हालांकि, खुद को प्रूव करने के लिए मीरा ने ऐसा नहीं किया। यही लगन उन्हें सफलता तक ले आई। 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने गोल्ड और अब ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीता है। इसके बाद 2017 में मीरा ने 194 किलोग्राम वजन उठाकर वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था।
उसके बाद उन्होंने 2019 के थाईलैंड वर्ल्ड चैंपियनशिप से वापसी की और चौथे नंबर पर रहीं। तब उन्होंने पहली बार 200 किग्रा से ज्यादा का वजन उठाया था। इस साल अप्रैल में हुए ताशकंद एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मीराबाई चानू ने स्नैच में 86 किग्रा का भार उठाने के बाद क्लीन एंड जर्क में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए 119 किलोग्राम का भार उठाया था। वह कुल 205 किग्रा के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं। मीराबाई मणिपुर की इंफाल की रहने वाली हैं। उन्होंने वेटलिफ्टिंग में पहला गोल्ड 11 साल की उम्र में लोकल वेटलिफ्टिंग टूर्नामेंट में जीता था। उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर वेटलिफ्टिंग की शुरुआत वर्ल्ड और जूनियर एशियन चैंपियनशिप से की। वे कुंजरानी देवी को अपना आदर्श मानती हैं।
जीत के बाद मीराबाई ने कहा कि मेरे लिए यह सपना सच होने जैसा है। मैं यह मेडल अपने देश और यहां के करोड़ों लोगों को डेडिकेट करती हूं। उन्होंने लगातार मेरे लिए प्रार्थना की। मैं अपने परिवार वालों को शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। मेरी मां ने मेरे इस सफर में काफी साथ दिया।
टोक्यो में विरोध के बीच ओलंपिक महाकुंभ के आयोजन की हुई शुरुआत–
आपको बता दें कि कोविड-19 महामारी के भय के बीच 32वें ओलंपिक खेलों की एक साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद शुक्रवार को रंगारंग उद्घाटन समारोह के साथ टोक्यो में शुरुआत हुई । हालांकि जापान में इस खेल के महाआयोजन को लेकर विरोध भी किया जा रहा है। इसका कारण है कि टोक्यो में इन दिनों कोविड-19 के मरीजों की संख्या भी तेजी साथ बढ़ रही है। खेलों का आयोजन साल 2020 में होना था लेकिन कोविड-19 की वजह से अब शुरू हुआ है। टोक्यो 2020 के प्रतीक को प्रदर्शित करने के लिए 20 सेकेंड तक नीली और सफेद रंग की आतिशबाजी की गई, जिसे जापानी संस्कृति में शुभ माना जाता है। जापान के सम्राट नारूहितो अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के प्रमुख थॉमस बाक के साथ स्टेडियम में पहुंचेे।
उद्घाटन समारोह में दर्शकों को आने की अनुमति नहीं देने का फैसला कई सप्ताह पहले किया गया था। इसको देखने के लिए स्टेडियम में 1000 हस्तियां ही उपस्थित थीं, जिसमें अमेरिका की पहली महिला जिल बाइडेन भी शामिल हैं। आपको बता दें कि टोक्यो दूसरी बार ओलंपिक की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले उसने 1964 में ओलंपिक का सफल आयोजन किया था।

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