राजस्थान
गजब: 6 लाख की ‘ब्लूटूथ चप्पल’ से नकल का ऐसा इंतजाम कि हैरान रह जाएंगे आप…
राजस्थान: परीक्षा के दौरान नकल करने के तरह तरह के तरिके सामने आते रहे है। लेकिन इस बार सबसे अनोखा तरीका सामने आया है। नकल करने का यह तरीका बेहद हाईटेक है कि किसी के पकड़ में भी ना आए और शातिर अपना काम करके आसानी से निकल भी जाए। मामला राजस्थान की शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) का है। रविवार 26 सितंबर को ये एग्जाम हुआ. इसमें पेपर लीक के अलावा नकल करने का नायाब तरीका भी सामने आया। ब्लूटूथ डिवाइस लगी स्पेशल चप्पल से नकल कराने की तैयारी थी। इसके अलावा पेपर लीक कराने में पुलिसवालों की मिलीभगत भी सामने आई है। पुलिस ने एग्जाम में धांधली के सिलसिले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एग्जाम देने वाले तीन उम्मीदवार भी शामिल हैं। बाकी लोगों की धरपकड़ के प्रयास जारी है। वहीं सोशल मीडिया पर नकल कराने के लिए बनाई गई अनोखी चप्पल की तस्वीर आने के बाद सभी लोग चौंक गए हैं। आइए बताते हैं राजस्थान की रीट एग्जाम में हुई गड़बड़ियों की ये अनोखी दास्तां।
दरअसल, राजस्थान पुलिस ने सबसे पहले अजमेर में परीक्षा के दौरान पहले शख्स को दबोचा था, जिसके बाद पूरे प्रदेश से ऐसे नकल माफियाओं के कारनामे की परतें खुलती गई। बीकानेर और सीकर में भी ब्लूटूथ और मोबाइल के साथ इसी तरह की चप्पलें पुलिस को मिली हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभ्यर्थी चप्पल में नकल की डिवाइस को छुपाकर एग्जाम सेंटर के लेकर जा रहा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उनकी इस चाल को पूरी तरह से फेल कर दिया। माइस्टर माइंड ने चप्पल बेचने के साथ-साथ नकल कराने की बात भी कही थी, जिसके चलते ब्लूटूथ वाली चप्पल अभ्यर्थियों को दी गई। चप्पल में लगे ब्लूटूथ में एक चिप लगी हुई थी, जो अभ्यर्थी के कान में लगे माइक्रो ईयरफोन से कनेक्ट था। दूसरी तरफ ब्लूटूथ में एक चिप लगी थी, जिसे मोबाइल की सिम से जोड़ा गया था। परीक्षा सेंटर पर जाने से पहले शातिर ने फोन से ब्लूटूथ को कनेक्ट कर लिया, जिससे वो पेपर में से प्रश्नों का हल करके मोबाइल के जरिए परीक्षार्थियों को बताने का प्लान था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये गिरोह डिवाइस लगी चप्पल के जरिये परीक्षा में नकल कराने के लिये सक्रिय था। इस चप्पल की कीमत छह लाख रुपये है। पुलिस के मुताबिक, अभी तक 25 लोगों ने ऐसी चप्पलें खरीदी हैं। पुलिस ने इस चप्पल समेत कई मोबाइल और सिम भी बरामद की है। इसके लिए नकल गैंग ने बाजार से ऐसी चप्पल खरीदीं, जिन्हें बीच में से काटकर आसानी से वापस जोड़ा जा सके. स्पंज वाली इन चप्पलों को काटकर उसका सोल (तला) अलग किया गया। तले में चाकू से कटिंग की गई। मोबाइल की बैटरी, मदर बोर्ड और अन्य मशीनरी के साथ सिम के लिए जगह बनाई गई। मोबाइल की सारी मशीनरी अलग अलग करके उसमें फिट कर दी गई। इसके बाद चप्पल के ऊपरी हिस्से को वापस जोड़ दिया गया। चप्पल की चारों तरफ इस तरह सफाई की गई कि किसी को शक न हो। चप्पल में जो मोबाइल ब्लूटूथ फिट था, वह परीक्षा देने वाले के कान में लगे इयरफोन से जुड़ा होता था। इस पर कॉल रिसीव करने के लिए सेंसर भी मौजूद था। इसी के जरिए अभ्यर्थी नकल कराने वाली गैंग से कनेक्ट होते थे। फिर सामने से सभी सवालों के जवाब एक-एक कर बताए जाते। ये कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लग रही है, मगर ये हकीकत है। पुलिस ने अब तक प्रदेशभर से 8 लोगों को पकड़ा हैं। बाकी के अभ्यर्थियों की पहचान करने में जुटी हुई है।

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