टिहरी गढ़वाल
मिसालः टिहरी के विजय ने 59 साल की उम्र में किया नेट क्वालीफाई, जुनून से पाया मुकाम, दिए टिप्स…
टिहरी के 59 साल के विजय ने अपने जुनून से एक मिसाल पेश की है। उन्होंने उस कथन को गलत साबित कर दिया है जो कहते हैं पढ़ाई की लिखाई की अब उम्र नहीं हैं। विजय ने पढ़ाई के जुनून से 59 साल की उम्र में नेट क्वालीफाई कर साबित कर दिया है कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती है। इसके साथ ही उन्होंने युवकों को टिप्स भी दे दिए है। उनकी उपलब्धि से उनके गांव में खुशी की लहर हैं।
मिली जानकारी के अनुसार टिहरी जिले के जाखणीधार ब्लॉक के नेगियाना कांडिखाल गांव निवासी 59 वर्षीय विजय सेमवाल ने नेट क्वालीफाई किया है। उन्होंने गढ़वाल मंडल विकास निगम में सेवारत रहते हुए अपने गांव में रहकर लगातार नेट क्वालीफाई करने के प्रयास किया। लगातार प्रयास करने और कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने टूरिज्म एंड मैनेजमेंट में नेट क्वालीफाई किया।
बताया जा रहा है कि उन्होंने सेल्फ स्टडी कर नेट परीक्षा की तैयारी कर परीक्षा को पास किया है। वे सुबह 4 बजे उठकर अपनी पढ़ाई करते थे। ये सिलसिला रात 12 बजे तक चलता था। उन्होंने युवाओं को परिश्रम करने की सलाह दी है और हताश ना होने के लिए कहा है। उनका मानना है कि महंगी कोचिंग करना पैसा और समय की बरबादी है। साथ ही वह आज गांव के युवाओं के लिए मिसाल बन गए है।
गौरतलब है कि यूजीसी नेट राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा है। ये परीक्षा पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद दी जा सकती है। यूजीसी नेट की प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन में जनरल कैटेगरी के अभ्यर्थियों को 55 प्रतिशत अंक और अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 50 फीसदी प्राप्तांक जरूरी होते हैं। पीएचडी डिग्री धारकों को कुल अंकों में 5% की छूट दी गई। वहीं रिसर्च फेलोशिप के लिए उम्मीदवारों की उम्र 31 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

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